
जम्मू। नव वर्ष से सरकार ने आम यात्रियों की जेब पर कैंची चलाने की तैयारी कर ली है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के दबाव में झुकते हुए प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बस व टैक्सी यात्री किराये में 18 प्रतिशत तक वृद्धि पर सहमति जता दी है। प्रदेश सरकार और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच मंगलवार शाम हुई बैठक में किराया वृद्धि पर सहमति बनी। बैठक के बाद ट्रांसपोर्टर एसेासिएशन ने मीडिया को यह जानकारी दी। उनके अनुसार सरकार जल्द अधिसूचना जारी कर देगी।
नई दरें पहली जनवरी से प्रभावी हो जाएंगी। बढ़ी दरें बसों, मिनी बस, टैक्सी व ऑटो पर भी लागू होंगी इससे पूर्व वर्ष 2021 में किराये में 19 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। उसके बाद 2024 में नई सरकार गठन के बाद ई-बसों के किराये में वृद्धि की जा चुकी है। यहां बता दें कि पिछले तीन वर्ष में डीजल की दरों में दस प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज हुई हैं, उसके बावजूद प्रशासन बस संचालकों के दबाव में झुक गया। जेके ट्रांसपोर्ट वेल्फयेर एसोसिएशन किराया बढ़ाने की मांग पर बार-बार हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रही थी। जम्मू स्थित नागरिक सचिवालय में मंगलवार शाम आल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेल्फेयर एसोसिएशन और परिवहन विभाग की बैठक हुई।
बैठक में विभाग के वित्त आयुक्त संतोष डी वैद्य, परिवहन सचिव अवनी लवासा, परिवहन आयुक्त अंजू गुप्ता, जम्मू के आरटीओ जसमीत सिंह, आल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसो. के चेयरमैन करण सिंह वजीर, अध्यक्ष विजय सिंह चिब, महासचिव गुलाम रसूल और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक करीब दो घंटे तक चली।ट्रांसपोर्टर यात्री किराये में 35 प्रतिशत की वृद्धि की मांग कर रहे थे। अंतत: बैठक में 18 प्रतिशत की वृद्धि पर सहमति बन गई। आल जेके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन करण सिंह वजीर और अध्यक्ष विजय सिंह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और परिवहन मंत्री सतीश शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा की सरकार ने ट्रांसपोर्टरों के हित में किरायों में वृद्धि की मांग मंजूर कर दी है। अभी सरकार इसकी मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी करेगी।
पहली जनवरी 2026 से नई दरों पर किराया वसूला जाएगा। सरकार द्वारा गठित कमेटी प्रति किलोमीटर के हिसाब से नई किराया सूची तैयार करेगी। पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की ब्लैक लिस्टिंग समेत अन्य मांगों पर भी कुछ ही दिन में निर्णय लिया जाएगा। यात्री किरायों में वृद्धि के मुद्दे पर बस संचालकों ने 15 दिसंबर को प्रदेश भर में चक्का जाम का एलान किया था। प्रदेश के परिवहन मंत्री सतीश शर्मा ने 11 दिसंबर को नागरिक सचिवालय में बैठाकर उनकी मांगों पर नए सिरे विचार करने का आश्वासन दिया था। इसके उपरांत ट्रांसपोर्टरों ने 15 दिनों के लिए चक्का जाम को स्थगित कर दिया था।


















