शिव महापुराण धर्म-मोक्ष का मार्ग दिखाता है: रामानुज

अकलतरा। ग्राम पोड़ीदलहा के अघोरपीठ जनसेवा अभेद आश्रम में सृजन कला धर्मजागरण एवं आध्यात्मिक संस्था द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा एवं प्रवचन सप्ताह का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर गांव में विशेष कलश यात्रा निकाली गई, जो विभिन्न गलियों से होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।
कार्यक्रम स्थल पर वृंदावन से पधारे रामानुज सत्यमकृष्ण शुक्ल महाराज द्वारा पूजा-अर्चना के साथ कलश की स्थापना की गई और इसके साथ ही कथा का विधिवत आरंभ हुआ। कथावाचक महाराज ने कथा का शुभारंभ दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर किया। उन्होंने शिवमहापुराण के महात्म्य और इसके जीवनोपयोगी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक कथा नहीं है, बल्कि मानव जीवन को धर्म, कर्म और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करने वाला दिव्य ग्रंथ है। रामानुज सत्यमकृष्ण शुक्ल महाराज ने बताया कि शिवमहापुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख, शांति व सद्गति की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कथा का श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं के जीवन के कष्ट स्वत: दूर होते हैं, मन को स्थिरता मिलती है और शिव की कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके अलावा, कथा श्रवण से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और आत्मिक शुद्धि के साथ जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
आयोजन समिति ने बताया कि कथा का आयोजन 26 दिसंबर से 1 जनवरी तक प्रतिदिन किया जाएगा। प्रत्येक दिन दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से कथा का संचालन होगा और शाम को मंगल आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया जाएगा। कथा के दौरान 28 दिसंबर को भगवान शिव का सामूहिक रुद्राभिषेक भी आयोजित किया जाएगा। इसके लिए विशेष पंडाल और भव्य स्टेज का निर्माण किया गया है, ताकि श्रद्धालु आराम से कथा में भाग ले सकें। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे समय पर कथा स्थल पर उपस्थित हों। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने आनंद लिया और शिवभक्ति एवं अध्यात्मिक अनुभव से अपने मन को मंत्रमुग्ध किया।

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