भुवनेश्वर में सिम बॉक्स धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश, केरल के दो बीटेक ड्रॉपआउट गिरफ्तार

अनुगुल, 0३ मार्च ।
संगठित साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से संचालित एक परिष्कृत सिम बॉक्स धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में केरल के दो बीटेक ड्रॉपआउट युवकों को गिरफ्तार किया गया है।साइबर पुलिस स्टेशन के समन्वय से विशेष दस्ते ने राजधानी के चंद्रशेखरपुर इलाके स्थित एक लडक़ों के छात्रावास पर छापा मारकर इस अवैध अड्डे का पर्दाफाश किया। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से 10 सिम बॉक्स, 100 से अधिक सिम कार्ड, सर्वर के रूप में उपयोग हो रहे लैपटॉप और वाईफाई राउटर जब्त किए।जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी अधिकृत दूरसंचार गेटवे को दरकिनार कर अंतरराष्ट्रीय कॉल को अवैध रूप से रूट करने के लिए सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे। इस ऑपरेशन के जरिये संयुक्त राज्य अमेरिका और कई यूरोपीय देशों से आने वाली कॉल भारत में स्थानीय कॉल के रूप में प्रदर्शित की जाती थीं। इससे अंतरराष्ट्रीय कॉल शुल्क और नियामक निगरानी से बचा जा रहा था।पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी कॉल के स्रोत को छिपाने और धोखाधड़ी वाले संचार को सुगम बनाने के लिए अवैध नेटवर्क जंपिंग तकनीकों का उपयोग कर रहे थे। स्थानीय रूप से पंजीकृत सिम कार्ड के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक को रीडायरेक्ट कर भारी वित्तीय लाभ अर्जित किया जा रहा था।छापेमारी में बरामद सिम कार्ड असम में पंजीकृत पाए गए, जिनका उपयोग ओडिशा में अवैध रूप से किया जा रहा था।
आरोपियों ने कॉल रूटिंग सिस्टम संचालित करने के लिए वीओएस 3000 सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया, जिसके बांग्लादेश से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं ऑपरेशन में प्रयुक्त हार्डवेयर उपकरण कथित रूप से चीन से मंगवाए गए थे।प्रारंभिक जांच में इस रैकेट के अंतरराज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जब्त लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ चुके थे और हॉस्टल के कमरे से ही इस पूरे सेटअप का संचालन कर रहे थे। मामले में आगे की जांच जारी है और साइबर धोखाधड़ी की कड़ी से जुड़े शेष लिंक को खंगाला जा रहा है।

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