साध्वी प्रेम बाइसा की मौत मामले में एसआईट गठित, लोगों से पूछताछ जारी

जोधपुर, 01 फरवरी ।
जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाइसा की मौत की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी में साइबर एक्सपर्ट, महिला कांस्टेबल, दो थानेदार समेत कुल 9 लोग हैं। सूत्रों के अनुसार, साध्वी प्रेम बाइसा की मौत के पीछे की वजह जहर हो सकती है। ऐसे में विसरा को जांच के लिए भेज गया है। पाल रोड पर स्थित साधना कुटीर आश्रम के पास से पुलिस को अस्थालिन नाम की दवा के कुछ रैपर मिले हैं। इन दवाओं के मिलने के बाद अब कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं। एसीपी छवि शर्मा के अनुसार, साध्वी के पिता वीरम नाथ द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर तकनीकि विशेषज्ञ नए तथ्यों पर जांच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, कंपाउंडर देवी सिंह द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जो एक सामान्य प्रक्रिया नहीं थी। उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की। पिता का कहना है कि इंजेक्शन लगाने में कहीं न कहीं लापरवाही बरती गई। छवि शर्मा ने बताया कि एसआईटी साध्वी प्रेम बाईसा के मोबाइल काल रिकार्ड, आश्रम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल इनपुट सहित तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। कंपाउंडर देवी सिंह को इंजेक्शन के संबंध में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इंजेक्शन चिकित्सकीय सलाह पर दिया गया था और क्या इंजेक्शन की वजह से उनकी मौत हुई।वहीं, सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान साध्वी प्रेम बाइसा के आंतों का रंग लाल हो गया था जो जहर का संकेत है। पुलिस अभी भी आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

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