नोएडा इंजीनियर मौत मामले में SIT ने प्राधिकरण के चार विभागों से लिखित में मांगा जवाब, हिरासत में भेजे गए बिल्डर

नोएडा। बिल्डर परियोजना के निर्माणधीण बेसमेंट के गड्ढे में डूबकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एसआइटी ने नोएडा विकास प्राधिकरण के चार विभागों को कठघरे में खड़ा किया है। इन सभी से लिखित जवाब तलब किए गए हैं। प्राधिकरण अधिकारी गुरुवार को जवाब सौंप सकते हैं। उधर, सीजेएम कोर्ट ने आरोपित बिल्डर अभय को 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बुधवार को फारेंसिक और टेक्निकल टीम ने घटनास्थल और कार की तकनीकी जांच की।

एसआइटी ने प्राधिकरण के सिविल, एनटीसी, नियोजन और जल खंड विभागों को कटघरे में खड़ा करते हुए जवाब तलब किया है। सिविल विभाग का काम निर्माण था। ड्रेनेज टूटी थी तो रखरखाव क्यों नहीं किया गया। नोएडा ट्रैफिक सेल (एनटीसी) ने सड़क पर यातायात सुरक्षा के लिहाज से उपाए क्यों नहीं किए। नियोजन विभाग की स्पो‌र्ट्स सिटी बसाने के लिए क्या योजना थी। एक बिल्डर को 13 लाख वर्गमीटर जमीन आवंटित की थी तो उसने प्लॉट को 21 भूखंड में कैसे बेच दिया। आक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) जारी करने के क्या नियम हैं। बिना बुनियादी सुविधा 150 सेक्टर की सोसायटियों को अधिभोग प्रमाण पत्र कैसे प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। जल सीवर विभाग से ड्रेनेज सिस्टम तैयार न करने का कारण पूछा गया है।

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