
ईरान, 06 जनवरी ।
ईरान में पिछले एक हफ्ते से भी ज्यादा समय से भडक़ी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। हिंसक प्रदर्शन में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालातों पर काबू पाने के लिए ईरान सरकार ने 1200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया है। अमेरिका आधारित मानवाधिकार ईरानी हिंसा में 29 प्रदर्शनकारी समेत 4 बच्चों, 2 सुरक्षाबलों की मौत हो चुकी है। ईरान के 31 में से 27 राज्य हिंसा की चपेट में हैं। पूरे ईरान में 250 से ज्यादा जगहों पर हिंसक प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। ईरान में मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को तेहरान को धमकी देते हुए कहा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों को जबरन मारा जा रहा है। हम उनके बचाव के लिए जरूर आएंगे। हालांकि, ईरान को लेकर ट्रंप का क्या प्लान है। ये अभी तक साफ नहीं है। ट्रंप बातचीत से मामले को सुलझाने की कोशिश करेंगे या फिर ईरान पर सैन्य कार्रवाई करेंगे, इसपर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। खासकर वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात खराब होने के कयास लगाए जा रहे हैं। 2022 के बाद ईरान में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
पुलिस की हिरासत में मौजूद 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान में अचानक हिंसा भडक़ उठी है। कई महिलाओं को हिजाब न पहनने की वजह से हिरासत में ले लिया गया है। ईरान में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच छिड़े 12 दिन के युद्ध के बाद अमेरिका ने तेहरान पर एयर स्ट्राइक की। दिसंबर में ईरान की मुद्रा ऑल टाइम लो पर पहुंच गई। वहीं, अब नए साल की शुरुआत से पहले ही ईरान के ज्यादातर इलाके हिंसा की चपेट में आ गए हैं।

























