वनों की सुरक्षा के लिए जगा जन सहभागिता का जज्बा

रतखंडी में हुआ भव्य अग्नि सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन
कोरबा। वनमंडलाधिकारी के निर्देशानुसार गत 3 फरवरी को वनमंडल कटघोरा अंतर्गत वन परिक्षेत्र चैतमा के सबसे ज्यादा अग्नि घटना से प्रभावित परिसर रतखंडी में अग्नि सुरक्षा का प्रथम कार्यशाला संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्रामवासियों, फायर वाचरों तथा वन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं आसपास के नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इसे जागरूकता का सशख्त मंच बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पाली तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम रहे। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, विधायक प्रतिनिधि कुलदीप सिंह मरकाम, वन समिति सभापति पाली विजय प्रभात कंवर, जनपद सदस्य अंशुल सिंह कंवर, दिलीप कंवर, सत्यनारायण पैकरा एवं ग्राम पंचायत रतखंडी की सरपंच श्रीमती गीता बाई पोर्ते सहित अनेक जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। महिलाओं द्वारा पारंपरिक नृत्य के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया व कार्यक्रम स्थल तक ससम्मान लाया गया। तत्पश्चात् दीप प्रज्जवलित कर छत्तीसगढ़ महतारी के वंदन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि श्री मरकाम ने अपने उद्बोधन में वनों के संरक्षण में सहयोग हेतु वन प्रबंधन समिति को महत्वपूर्ण बताया व वनों के महत्व, न रहने से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला। वन मंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत द्वारा अपने उद्बोधन में गर्मी के दिनों में वनों में लगने वाली आग के ंसंबंध में बताया कि जंगल से महुआ फूल, साल बीज एवं अन्य उपज इकट्ठा करने के लिए पेड़ के नीचे एवं आसपास आग न लगाएं। जंगल में खाना पकाकर या आग तापकर जलती आग न छोड़ें। वनों के निकट खेतों में कभी भी आग लगाकर न छोड़े। तेंदूपत्ता की पैदावार बढ़ाने के लिए आग न लगाएं, जंगल में आ देखते ही बुझा दें। आग ज्यादा फैलने पर नियंत्रण करना कठिन हो जाता है। आग लगने पर नजदीक के डिप्टी रेंजर परिक्षेत्र अधिकारी, वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सरपंच को तुरंत सूचित करें। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल, जंगल, जमीन हमारे पूर्वज की निशानी हैं। जंगल में हमारे देवी-देवता बसते हैं। जंगल में अवैध कटाई, पेड़ों की गडनिंग न करें व वनों एवं वहां रहने वाले वन्य जीवों की सुरक्षा पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्कूल छात्र-छात्राओं द्वारा नृत्य, गायन, नाटक के माध्यम से वनों के महत्व एवं वन अग्नि से होने वाले क्षति के संबंध में प्रस्तुति दिया गया। कला जत्था टीम के कलाकारों द्वारा अग्नि सुरक्षा पर प्रस्तुति दिया गया। स्कूल छात्र-छात्राओं को वन मंडलाधिकारी की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के द्वारा वनों की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन का शपथ लिया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी चैतमा द्वारा ग्राम रतखंडी में अग्नि सुरक्षा के संबंध में किए गए कार्यक्रम से अग्नि सीजन में अग्नि दुर्घटना कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम स्थल पर ही मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, वन मंडलाधिकारी एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा चैतमा परिक्षेत्र के सभी 17 बीटों के फायर वाचरों को फायर किट के रूप में टी शर्ट, पानी बॉटल, टॉर्च, गमछा, जूता प्रदाय किया गया तथा वन अधिकारियों द्वारा सभी को फायर फायटर मशीन से अग्नि पर नियंत्रण हेतु प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में उप वनमंडलाधिकारी पाली, वन परिक्षेत्राधिकारी चैतमा तथा चैतमा वन परिक्षेत्र के समस्त वन कर्मचारी, वन प्रबंधक समिति अध्यक्ष, सदस्य, फायर वाचर व अन्य नागरिक उपस्थित रहे।

RO No. 13467/10