
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में स्थित लाडले मशक दरगाह परिसर में स्थापित राघव चैतन्य शिवलिंग पर महाशिवरात्रि पूजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर जल्द सुनवाई करने पर विचार करेगा। दरगाह प्रबंधन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विभा दत्ता मखीजा ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मामले को 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) से पहले सूचीबद्ध करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ”गुलबर्ग में एक आलंद दरगाह है। अब वे वहां शिवरात्रि मनाना चाहते हैं। क्या हम 15 फरवरी से पहले इस पर सुनवाई कर सकते हैं?” इस उल्लेख के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने इस बात पर चिंता जताई कि पहले अधिकार क्षेत्र वाले हाई कोर्ट से संपर्क किए बिना सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ”सब कुछ अनुच्छेद-32 के तहत क्यों आ रहा है? ऐसा लग रहा है कि याचिकाएं इसलिए दायर की जा रही हैं क्योंकि कानून आसान है और यह संदेश जा रहा है कि हाई कोर्ट निष्क्रिय हो गया है। हम जांच करेंगे। देखते हैं।”






























