
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय सोसायटियों में वर्ष 2024 के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के संदर्भ में जारी दिशानिर्देशों को लागू कराने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को नोटिस जारी कर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जायमाल्या बागची की पीठ सुनवाई की शुरुआत में उस समय नाराज हो गई, जब याचिकाकर्ता रचित कत्याल के वकील ने कहा कि इस मुद्दे पर याचिकाएं लंबित हैं और उनकी याचिका को भी उनके साथ सुनवाई के लिए स्वीकार किया जाना चाहिए। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, हमें इस सूची में एक और याचिका क्यों जोड़ना चाहिए?
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, जनहित याचिका दायर करने वालों की संख्या में तेज वृद्धि हो रही है। लगता है कि अब कुछ प्रमुख चेहरे ऐसे हैं जिनका एकमात्र एजेंडा सुबह अखबार पढ़ना और जनहित याचिका दायर करना है।
हालांकि पीठ ने बाद में कत्याल की याचिका स्वीकार कर ली और केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, ग्रेटर नोएडा स्थित निराला एस्टेट हाउसिंग सोसायटी और उसकी संपत्ति प्रबंधन एजेंसी कुशमैन एंड वेकफील्ड प्रापर्टी मैनेजमेंट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जवाब मांगा है। याचिका पर 13 अप्रैल की सुनवाई हो सकती है।


























