
जांजगीर। नेशनल हाईवे-49 पर बिलासपुर-अकलतरा-रायग ढ़ से ओडिशा बॉर्डर तक फोरलेन सडक़ बनाई जाएगी, जिससे यातायात दबाव कम होगा। एक साल पहले बिलासपुर से रायगढ़ तक फोरलेन निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। अब इसके लिए सर्वे शुरू होने वाला है। लगभग 116 किलोमीटर लंबी यह सडक़ फिलहाल टू-लेन है। सर्वे के बाद ड्राइंग-डिजाइन तैयार होगी और जमीन अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। साल 2016 में बिलासपुर से रेगालपाली तक एनएचआई ने सडक़ का नया निर्माण कराया था। बिलासपुर से अकलतरा तक सडक़ फोरलेन है, लेकिन उसके बाद जांजगीर, चांपा, बाराद्वार, सक्ती होते हुए रायगढ़ तक सडक़ टू-लेन है। इस वजह से हादसे होते रहते हैं। रायगढ़ से जांजगीर के बीच हाईवे पर भारी वाहनों का दबाव अधिक है। टू-लेन सडक़ पर्याप्त नहीं थी।
लंबे समय से फोरलेन की मांग हो रही थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। फोरलेन में सर्विस रोड का प्रावधान होगा, इसलिए गांवों के पास सर्विस रोड और अंडरब्रिज भी बनाए जा सकते हैं। केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रायपुर में 83वें इंडियन रोड कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए थे। उन्होंने बिलासपुर- अकलतरा-रायग ढ़ तक फोरलेन सडक़ बनाने की घोषणा की थी और डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए थे। एनएच के एसडीओ अतुल राज पैगवार ने बताया कि रायगढ़ तक फोरलेन सडक़ प्रस्तावित है। जल्द ही सर्वे होगा। कंपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। इस पर समय लग सकता है।सर्वे एक निजी कंपनी कराएगी। कंपनी रिपोर्ट तैयार कर रायपुर स्थित एनएचआई कार्यालय को भेजेगी। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सुधार और जोड़-घटाव कर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। बिलासपुर से अकलतरा, जांजगीर, सक्ती और रायगढ़ के बीच कई बड़ी बसाहटें हैं। तिलई, अमरतला, तरौद चौक, अजुनी, हथनेवरा, पुटपुरा, खोखरा चौक, मुनुंद चौक, सारागांव चौक सहित कई जगह हादसे का खतरा रहता है। फोरलेन बनने से हादसे कम होंगे।






















