कोल इंडिया भर्ती-प्रमोशन नीति पर ‘कमेटी रिपोर्ट’ से बढ़ा सस्पेंस: क्या लागू होगा ₹60,000 का नया एंट्री पे-स्केल?

कोलकाता/नई दिल्ली: महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में भर्ती और पदोन्नति की अधिसूचनाओं में हो रही देरी के बीच एक महत्वपूर्ण कमेटी रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट ने उन अटकलों को और तेज कर दिया है कि प्रबंधन पूरी भर्ती संरचना और वेतनमान को बदलने की तैयारी में है।

कमेटी रिपोर्ट के मुख्य खुलासे: समानता की ओर कदम

हालिया कमेटी रिपोर्ट के अनुसार, CIL में अधिकारियों के वेतन ढांचे को अन्य महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के बराबर लाने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

    • नया एंट्री लेवल पे-स्केल: कमेटी ने सिफारिश की है कि CIL में अधिकारियों की सीधी भर्ती अब ₹60,000 – ₹1,80,000 के शुरुआती वेतनमान (Payscale) में होनी चाहिए।

    • बोर्ड प्रस्ताव का समर्थन: कमेटी, CIL बोर्ड द्वारा 30.08.2023 को प्रस्तुत उस प्रस्ताव के पक्ष में है जो अन्य CPSEs के साथ वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए बनाया गया है।

    • विसंगतियों का समाधान: रिपोर्ट स्वीकार करती है कि अधिकारियों और गैर-अधिकारियों के बीच वेतन संरचना में अंतर का मुख्य कारण ‘रिवीजन’ की अलग-अलग समय अवधि रही है।

    कर्मचारी गलियारों में बढ़ती बेचैनी

    भले ही कमेटी रिपोर्ट ₹60,000 के बेहतर वेतनमान की बात कर रही है, लेकिन कर्मचारी इस बात से चिंतित हैं कि क्या इस प्रक्रिया की आड़ में पुराने नोटिफिकेशन और चार वर्षीय ग्रेड प्रगति (Grade Progression) को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

    प्रमुख आशंकाएं:

    1. नोटिफिकेशन रद्द होने का डर: क्या वर्तमान लंबित नोटिफिकेशंस को रद्द कर सीधे E-1 स्तर की नई नीति थोपी जाएगी?

    2. अनुभव की अनदेखी: क्या वेटिंग लिस्ट से हो रही भर्तियां अनुभवी उम्मीदवारों के अवसरों को कम कर रही हैं?

      प्रबंधन से पारदर्शिता की मांग

      कर्मचारियों और अभ्यर्थी संगठनों का कहना है कि महारत्न कंपनी होने के नाते CIL को अपनी ‘नीति और नीयत’ स्पष्ट करनी चाहिए। यदि नया वेतनमान और ग्रेड संरचना लागू होनी है, तो इसे बिना किसी देरी के लिखित दिशा-निर्देशों के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी का भविष्य अनिश्चित न रहे।

      “वेतन वृद्धि स्वागत योग्य है, लेकिन यह पदोन्नति के अवसरों और नीतिगत स्पष्टता की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।” — CIL कर्मचारी प्रतिनिधि

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