भीख का ‘सिंडिकेट’ या मजबूरी? ओडिशा में ट्रैफिक सिग्नल पर बच्चों को उतारने का खेल बेनकाब

अनुगुल। ओडिशा के बरहमपुर शहर में भीख मंगवाने के लिए मासूम बच्चों के इस्तेमाल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने गुरुवार को चार महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर नौ नाबालिग बच्चों को उनके चंगुल से मुक्त कराया। सवाल उठ रहा है कि क्या शहर के ट्रैफिक सिग्नलों पर दिखने वाले मासूमों के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है?

पुलिस ने बचाए 9 बच्चे

पुलिस के अनुसार बचाए गए नौ बच्चों में तीन लड़कियां भी शामिल हैं, जिनकी उम्र महज चार महीने से लेकर 12 वर्ष तक है। आरोपितों की पहचान मणि सिंधे (65), अजया काजरी सिंधे (30), रानी सिंधे (30), पूजा पवार (20) और सीता पवार (40) के रूप में हुई है। ये सभी बरहमपुर रेलवे स्टेशन के पास गोसानी नुगांव थाना क्षेत्र में रहते हैं। हालांकि पुलिस अभी उनकी वास्तविक पहचान की पुष्टि करने में जुटी है।

सूचना के आधार पर शुरू की जांच

पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में एक समूह बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर कर रहा है। इसके बाद पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों और बाल संरक्षण समिति के सदस्यों की संयुक्त टीम ने मंगलवार से जांच शुरू की।

सूचना के आधार पर शुरू की जांच

पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में एक समूह बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर कर रहा है। इसके बाद पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों और बाल संरक्षण समिति के सदस्यों की संयुक्त टीम ने मंगलवार से जांच शुरू की।

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