
खामियों को ठीक करना जरूरी
कोरबा। विकासखंड कोरबा की रजगामार पंचायत में शामिल सरडीह गांव में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मंशा से पानी टंकी का निर्माण हो गया है। काफी अरसा पहले इस काम को पूरा किया गया। पाइप लाइन भी बिछा दी गई। कनेक्शन भी हो गए लेकिन आपूर्ति मुश्किल में है। वजह यह है कि गैर पंरपरागत विकल्पों पर काम किया गया है। ऐसे में सोलर पैनल या अन्य कारण से जलापूर्ति 30 मिनट से अधिक नहीं हो पा रही है।
सरडीह गांव कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर है। मदनपुर से लगभग 5 किलोमीटर दूर इसकी अवस्थिति है। मुख्य रूप से यहां पहाड़ी कोरवा परिवार निवासरत है। तमाम प्रयासों के बाद भी उन्होंने दूसरी जगह पर पुनर्वास के विकल्प को नहीं चुना, इसलिए यहां सुविधाओं की बढ़ोत्तरी की गई। पक्की सडक़ के साथ बुनियादी सुविधाएं यहां पर दी गई है। काफी समय तक ये लोग आसपास के स्त्रोतों से पानी की सुविधा प्राप्त कर रहे थे। इसके कारण कई तरह की समस्या उनके सामने थी। बार-बार ऐसी स्थिति से दो-चार होने के कारण ये लोग तो परेशान होते ही थे, सरकार के तंत्र के सामने भी चुनौतियां आती थी। इसलिए सरकार की योजना के तहत यहां पानी टंकी का निर्माण पूरा करा लिया गया। प्राथमिकता के तहत सरडीह के सभी घरों में लोगों को शुद्ध पानी देने के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम हो गया। कनेक्शन भी दिए गए हैं। अब तक की स्थिति में लोगों के घरों तक पानी की पहुंच नहीं हो सकी है और यह लोगों के लिए एक तरह से सपना बना हुआ है। ग्रामीण गंगाराम पटेल और पंच अन्ना बाई ने बताया कि जल स्त्रोत से ओवरहेड टैंक तक पानी की बेहतर पहुंच के लिए ठोस कोशिश जरूरी है। इसके बाद ही सप्लाई का काम संभव होगा। जानकारी के मुताबिक क्रेडा के माध्यम से गांव में सोलर पैनल की स्थापना की गई है। परीक्षण के बाद कुछ दिन तक इसे संचालन में लिया गया। खबर है कि कुछ ही देर तक यह एक्शन मोड में होती है और फिर इसके बाद पानी की पहुंच बंद हो जाती है। पिछले कई शिविर से लेकर दूसरे स्तर पर जनप्रतिनिधियों और सरकार के अधिकारियों को हमने अवगत कराया है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई। एक बार फिर मुख्यमंत्री की जानकारी में इस बात को लाया गया। स्थानीय लोग चाहते हैं कि पहाड़ी कोरवाओं के विकास के नाम से बड़े दावे हो रहे हैं तो कम से कम सरडीह से जुड़ी समस्या पर संज्ञान लिया जाए।



























