
जांजगीर-चांपा। जिला सहकारी बैंक के खाताधारक किसानों को कही चैन नहीं मिल पा रहा है। दरअसल धान बेचने के लिए किसान जहां समिति में पसीना बहा रहे है। वहीं जिला सहकारी बैंक में ई ई केवायसी कराने की प्रक्रिया में माथापच्ची हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही है, जिन्होंने धान बेचा है और ई केवायसी नहीं होने के कारण उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है।
अकलतरा, गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले के जिला सहकारी बैंकों में इन दिनो ई केवायसी कराने किसानों की भारी भीड़ देखी जा रही है। जिले के जांजगीर,चाम्पा,पामगढ,बलौदा, नवागढ़ सहित एक दर्जन से अधिक जिला सहकारी बैंकों में किसान सुबह से पहुंच रहे है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद किसानों के खाते में राशि आती है, जिन किसानों के बैंक खातों का ई केवायसी अपडेट नहीं होगा उनको राशि ट्रांसफर के समय समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि किसान इन दिनों समिति में धान बेचने के लिए मशक्कत तो कर ही रहे है। इसके साथ ही जिला सहकारी बैंक में ई केवायसी कराने की परेशानी बढ़ गई है। बुधवार 17 दिसम्बर को जिला सहकारी बैंक जांजगीर में कुछ इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। यहां ईकेवायसी कराने के लिए बैंक खुलने के बाद से ही किसानों की भारी भीड़ देखी गई। जांजगीर सहकारी बैंक के अंतर्गत 50 से अधिक गांवों के किसान आते है। वहीं करीब 22 हजार से भी अधिक बैंक खाता धारक किसान है जो सहकारी बैंक के माध्यम से राशि जमा एवं आहरण करने का काम करते है, लेकिन दुसरी ओर खाता धारको को ईकेवायसी कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड जा रही है। इसी तरह की भीड़ चाम्पा जिला सहकारी बैंक में भी देखने को मिल रही है। ईकेवायसी कराने के लिए बैंक खाता, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर सहित अन्य तरह का दस्तावेज आवश्यक रहता है। इसके अलावा बैंक खातो में किसी भी तरह के फर्जीवाडे को रोकने के भी ईकेवायसी कराना आवश्यक हो गया है। ऐसे में ईकेवायसी कराने के लिए किसानों को अपने खेतो का काम छोडक़र ईकेवायसी कराने के लिए बैंको का चक्कर लगाने की मजबूरी हो गई है।
ज्यादातर किसानों के पास एटीएम कार्ड नहीं
आज के बदलते परिवेश में जहां बैंको की पूरी व्यवस्था आनलाइन संचालित हो रही है। उसके बाद भी जिला सहकारी बैंको की स्थिति जस की तस चनी हुई है। बैंक में एटीएम सुविधा किसानी के लिए बनाई गई है। इसके साथ भी ज्यादातर किसानों के पास एटीएम कार्ड नहीं है। ऐसे में किसानों को धान बेचने के बाद अपनी ही जमा राशि पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं उनके पास एटीएम की सुविधा नहीं हो पाने के चलते जमा राशि निकालने के लिए बैंको में घंटो इतजार भी करना पड़ता है। जांजगीर जिला सह?कारी बैंक में ही 22 हजार से भी अधिक खाता धारक किसान है, लेकिन करीब 40 फिसदी से भी अधिक किसानों के पास एटीएम कार्ड तक बही है है।
ईकेवायसी कराना जरूरी
किसानों को अपना बैंक खाता संचालन को लेकर ईकवावली कराना जरूरी है। ईकेवायसी कराने को लेकर शाखा प्रबंधक एवं सेवा सहकारी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। उक्त कार्य नहीं कराने की स्थिति में किसानों को लेनदेन के दौरान दिक्कत हो सकती है।
नोडल अधिकारी, जिला सहकारी बैंक जांजगीर
– अमित साहू
















