पहलगाम हमले के आतंकियों की मदद करने वाले आरोपियों का हो नार्को टेस्ट

जम्मू, १२ सितम्बर ।
पहलगाम आतंकी हमले के मामले में गिरफ्तार दो आतंकी मददगारों के पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने की एनआईए की याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि यह वैज्ञानिक तकनीकें आत्म-दोषसिद्धि के अधिकार का उल्लंघन करेंगी। दोनों आरोपित 19 सितंबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद हैं। 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन में आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी। 22 जून को नरसंहार में संलिप्त आतंकियों के दो स्थानीय मददगारों बशीर और परवेज अहमद को एनआईए ने गिरफ्तार किया था।दोनों ने आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के अलावा राशन व अन्य साजो सामान भी उपलब्ध कराया था। जम्मू स्थित विशेष अदालत में एनआईए ने अदालत को सूचित किया था कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के दोनों मददगारों ने अपने पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। बशीर और परवेज ने एनआईए के दावे को नकार दिया।
उन्होंने सहमति प्रदान करने से इन्कार किया। अदालत ने उनके पॉलीग्राफ व नार्को टेस्ट की अनुमति खारिज करते हुए अपने छह पृष्ठ के आदेश में कहा कि दोनों आरोपितों को पेश किया। दोनों ने अदालत में कहा है कि वह पॉलीग्राफ या नार्को जांच के इच्छुक नहीं हैं।

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