
साहिबाबाद (गाजियाबाद)। मजहबी कट्टरपंथी और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलीम अहमद पर हमला कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर से जुड़े लोगों ने किया था।
मुठभेड़ में मारा गया आरोपी कुछ मजहबी संगठनों की बयानबाजी से प्रभावित था और कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा हुआ था। जांच में आया है कि जीशान अपना एक सोशल मीडिया पर चैनल चलाता था, साथ ही वह कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर से जुड़ा था। हमलावर पाकिस्तानी युट्यूबर की अपील पर जुटे थे।
इसके साथ ही सलीम ने हमले से तीन दिन पहले अपने चैनल पर हलाला को लेकर एक बयान दिया था। हमलावर इस बयान से भी नाराज थे। हमले के पीछे मुख्य वजह ये बयान बताया जा रहा है।
अपील से मिला बढ़ावा
इसके अलावा जांच में आया है कि जीशान अपना एक चैनल चलाता था और इस चैनल के माध्यम से वह कट्टरपंथ को बढ़ावा देता था। पाकिस्तान यूट्यूबर की अपील से इन्हें बढ़ावा मिला और यह हमले की तरफ आगे बढ़े। कश्मीर के बहिष्कार और कश्मीरी कट्टरपंथियों के खिलाफ बयानबाजी से नाराज थे।
































