
साहिबाबाद, 0२ मार्च ।
मजहबी कट्टरपंथी और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलीम अहमद पर हमला कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर से जुड़े लोगों ने किया था। मुठभेड़ में मारा गया आरोपी कुछ मजहबी संगठनों की बयानबाजी से प्रभावित था और कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा हुआ था। जांच में आया है कि जीशान अपना एक सोशल मीडिया पर चैनल चलाता था, साथ ही वह कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर से जुड़ा था। हमलावर पाकिस्तानी युट्यूबर की अपील पर जुटे थे। इसके साथ ही सलीम ने हमले से तीन दिन पहले अपने चैनल पर हलाला को लेकर एक बयान दिया था। हमलावर इस बयान से भी नाराज थे। हमले के पीछे मुख्य वजह ये बयान बताया जा रहा है। इसके अलावा जांच में आया है कि जीशान अपना एक चैनल चलाता था और इस चैनल के माध्यम से वह कट्टरपंथ को बढ़ावा देता था। पाकिस्तान यूट्यूबर की अपील से इन्हें बढ़ावा मिला और यह हमले की तरफ आगे बढ़े। कश्मीर के बहिष्कार और कश्मीरी कट्टरपंथियों के खिलाफ बयानबाजी से नाराज थे।दैनिक जागरण ने ये अंदेशा जताते हुए पहले ही खबर प्रकाशित कर दी थी। खबर सच साबित हुई है। घटना वाले दिन गुलफाम बाइक पर था, जबकि जीशान ने बाइक से उतरकर सलीम पर वार किए। पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई चेतावनी को मुख्य वजह माना जा रहा है। घटना के बाद ही मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी।आरोपी एक कथित कट्टरपंथी संगठन के टेलीग्राम ग्रुप पर जुड़े हैं। इस ग्रुप पर 18,200 मेंबर जुड़े हुए हैं। ग्रुप पर सलीम का गला कटा एक फोटो वायरल किया गया था और लिखा गया था कि सलीम एक्स मुस्लिम को अस्पताल पहुंचा दिया गया है, वीडियो चाहिए फुल, इसके साथ ही सलीम का एक पर्सनेलिटी फोटो डालकर लिखा गया था कि एक्स मुस्लिम सलीम इलाज वीडियो सून।वहीं, इन दोनों पोस्ट को बड़ी संख्या में ग्रुप के सदस्यों ने लाइक किया और कमेंट किए। हमलावरों ने सिर तन से जुदा करने का ऐलान करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। जिस तरह से गले पर वार किया गया वह सिर को धड़े से अलग करना चाहते थे लेकिन शोर-शराबा होने पर वह कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए। इनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है ये अनाड़ी बताए गए हैं।पता चला है कि हमले वाले दिन दोनों तडक़े ही लोनी पहुंच गए थे। वह सलीम के पीछे घर से ही लगे थे और उसके साथ ही नमाज पढऩे वाले स्थल तक पहुंचे।
यहां से सलीम के पीछे ही वह कार्यालय तक आए और यहां बाइक से उतरकर हमला किया। इससे पहले दोनों ने नमाज भी पढ़ी थी। जांच एजेंसियों की जांच में आया है कि सलीम पर हमला उदयपुर में कन्हैया लाल और लखनऊ में कमलेश तिवारी की तर्ज पर हुआ। कमलेश व कन्हैया पर भी वैचारिक मतभेद के चलते कट्टरपंथियों ने हमला किया और इन दोनों पर हमले का दिन शुक्रवार चुना गया। सलीम पर हुए हमले में भी आरोपियों ने रमजान माह और शुक्रवार यानी जुमे का दिन चुना। सलीम पर भी कन्हैया व कमलेश की तरह ही ताबड़तोड़ वार किए गए।पाकिस्तानी यूट्यूबर मोहम्मद हमाद बरकती, जिसने सलीम वास्तिक को हत्या की धमकी दी थी। एक और इंस्टाग्राम वीडियो जांच एजेंसियों के हाथ लगा है। हालांकि, बरकती इस वीडियो को अपने अकाउंट से डिलीट कर चुका है।इस वीडियो में उसने गाजियाबाद के चार हिंदूवादी नेताओं का फोटो लगाकर इनकी हत्या की धमकी भी दी है। उसने कहा है कि जो हाल सलीम का किया गया है, उससे बुरा हाल इन चारों का किया जाएगा।
इसमें से एक पर हमला करने आरोपी रविवार रात लोनी के जरिए गाजियाबाद आ रहे थे।सलीम को शनिवार रात जीटीबी अस्पताल से पटपडग़ंज मैक्स अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। शनिवार को जीटीबी पहुंचे हिंदू संगठनों के लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया था और सलीम को बड़े अस्पताल में भर्ती कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद उन्हें यहां से शिफ्ट किया गया। अस्पताल में अभी सलीम की हालत गंभीर बनी हुई है।























