
संकल्प और तकनीक से अब लाखों की कमाई
कोरबा। करतला विकासखंड के एक छोटे से गांव के किसान रूपचंद ने अपनी मेहनत और नई तकनीक से वर्षों से बंजर पड़ी एक एकड़ जमीन को आम के बगीचे में बदल दिया है। कभी अनुपजाऊ मानी जाने वाली यह जमीन आज उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी है।
ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड की आम बागीचा योजना के तहत रूपचंद को प्रति एकड़ 25 आम के पौधे और आधुनिक बागवानी का प्रशिक्षण मिला। मिट्टी सुधार, जैविक खाद, सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग और ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाकर उन्होंने बगीचा तैयार किया। करीब पांच साल बाद पेड़ों में फल लगने लगे और पहली ही अच्छी पैदावार में उन्हें लगभग एक लाख रुपये की आय हुई। रूपचंद की सफलता से प्रेरित होकर करतला क्षेत्र के करीब 40 गांवों के 2000 से अधिक किसान आम की बागवानी से जुड़ चुके हैं। पिछले वर्ष क्षेत्र में लगभग 600 टन आम की खरीदी हुई, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिला। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है बल्कि बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने और जल संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है।


















