विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी संघ के स्मृति मंदिर गए। यहां से उन्होंने दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। यहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था। पीएम मोदी डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर गए और आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर की समाधि पर श्रद्धांजलि की। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी आरएसएस के स्मृति मंदिर पहुंचे और उन्होंने डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर में दीक्षाभूमि का भी दौरा किया। यह वह स्थान है जहां डॉ. बीआर अंबेडकर और उनके अनुयायियों ने बौद्ध धर्म अपनाया था। पीएम मोदी ने महात्मा बुद्ध की भी पूजा की। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी साथ मौजूद रहे।पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि एक “विकसित और समावेशी भारत” का निर्माण करना ही भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नागपुर दौरे के दौरान पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर डॉ. बी.आर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां अंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था।वे दीक्षाभूमि के स्तूप के अंदर गए और वहां रखी अंबेडकर की अस्थियों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की डायरी में हिंदी में लिखे अपने संदेश में मोदी ने कहा, मैं अभिभूत हूं कि मुझे नागपुर में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के पांच पंचतीर्थ में से एक दीक्षाभूमि पर जाने का अवसर मिला। उन्होंने आगे लिखा, यहां के पवित्र वातावरण में कोई भी बाबासाहेब के सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि दीक्षाभूमि लोगों को गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए समान अधिकारों और न्याय की व्यवस्था के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है। पीएम मोदी ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि इस अमृत कालखंड में हम बाबासाहेब अंबेडकर के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही बाबासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पीएम मोदी ने आखिरी बार 2017 में दीक्षाभूमि का दौरा किया था।”

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