
न्यूयार्क। जनवरी में जब न्यूयार्क में इजरायल के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था तब मास्क पहने और सिर पर स्कार्फ बांधे एक लडक़ी जोर-शोर से इजरायल विरोधी नारे लगा रही थी।पूरे शरीर में केवल उसकी आंखें ही दिखाई दे रही थीं लेकिन कुछ ही दिन बाद उसकी पूरी फोटो लोगों के सामने आ गई। ऐसा फ्लेडग्लिंग टेक्नोलाजी के चलते हुआ। मतलब, अब कोई कितना भी छिपने की कोशिश कर ले उसके चेहरे के एक हिस्से से उसकी पूरी पहचान स्पष्ट हो जाएगी।इंटरनेट मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि ऐसा फेस रिकग्निशन टूल विकसित किया गया है कि चेहरा ढंके होने के बावजूद वह महिला की पहचान स्पष्ट कर देगा।इस टूल के इस्तेमाल से अमेरिका के शहरों-कालेजों में हुए फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में शामिल युवक-युवतियों की पहचान की गई।
अब एक दक्षिणपंथी यहूदी समूह ने पहचाने गए लोगों के नामों की सूची बनाकर ट्रंप प्रशासन को सौंपने की घोषणा की है।साथ ही मांग की जाएगी कि इन विदेशी छात्र-छात्राओं को देश से बाहर किया जाए, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा कर रखी है कि जेहादियों के समर्थन में होने वाले प्रदर्शनों में शामिल विदेशी छात्र-छात्राओं को देश से बाहर किया जाएगा।


























