
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस , 2026 का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री का स्वागत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की हमारे यहां पहली नागरिक महिला है और इसके अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला है। भारत में नारी शक्ति हो नमन। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की डेमोक्रेटिक जर्नी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी, उस समय इसी सेंट्रल हॉल में भारत की संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई थी। भारत की आजादी के बाद 75 वर्षों तक यह इमारत भारत की संसद रही और इसी हॉल में भारत के भविष्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय और अनेक चर्चाएं हुई। अब लोकतंत्र को समर्पित इस स्थान को भारत ने संविधान सदन का नाम दिया है।
संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर की भूमिका बेहद खास होती है। दिलचस्प बात यह है कि स्पीकर खुद ज्यादा बोलते नहीं हैं। उनका मुख्य काम होता है सदस्यों की बातें सुनना और यह सुनिश्चित करना कि हर किसी को बोलने का मौका मिले। स्पीकरों की सबसे बड़ी खासियत धैर्य है। वे सबसे शोरगुल करने वाले या उत्साही सदस्यों को भी सहनशीलता और मुस्कान के साथ संभालते हैं। संसदीय व्यवस्था में स्पीकर का काम केवल अध्यक्षता करना नहीं, बल्कि सभी सदस्यों के लिए निष्पक्ष और संतुलित माहौल बनाना भी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी है। पीएम ने कहा जब भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की, तो कई लोगों को शक था कि इतनी विशाल विविधता के बीच लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। लेकिन यही विविधता भारतीय लोकतंत्र की ताकत बन गई। यह भी संदेह था कि अगर लोकतंत्र जड़ पकड़ भी ले, तो भारत को विकास में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इन सभी शंकाओं के विपरीत, भारत ने यह साबित किया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं विकास में स्थिरता, पैमाना और गति प्रदान करती हैं।
आज, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। भारत में विकसित क्कढ्ढ दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता भी है और वैश्विक स्तर पर इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला करेंगे। इसमें 42 कॉमनवेल्थ देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स के साथ-साथ चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर अपनी महत्वता दर्शाता है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, मलेशिया, नामीबिया, ट्रिनिडाड और टोबैगो, टोंगा, कैमरून जैसे देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई हाई कमीशन के प्रमुख फिलिप ग्रीन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
















