
भुवनेश्वर, 1९ मार्च ।
सरकारी पेंशन योजनाओं को निशाना बनाकर की जा रही वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा सतर्कता विभाग ने मुख्य आरोपी को एक होटल से गिरफ्तार किया है। इससे पहले आरोपी के बेटे को गिरफ्तार किया गया था। 5.56 करोड़ रुपये के गबन के मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार मोहंती प्रधानाध्यापक से सेवानिवृत्त होने के बाद बीईओ कार्यालय में पुन: नियुक्त थे। मोहंती अपनी पत्नी गीता रानी मोहंती के साथ फरार चल रहे थे और ओडिशा व पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर छिप रहे थे। दोनों के कोलकाता में छिपे होने का संदेह था, इसलिए ओडिशा सतर्कता विभाग की एक टीम संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। खतरे को भांपते हुए दोनों बुधवार रात कोलकाता से निकल गए और भद्रक के चारम्पा स्थित एक होटल में छिप गए थे, जहां से उन्हें गुरुवार तडक़े गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। गबन की गई धनराशि प्रदीप मोहंती, उनकी पत्नी, बेटे मातृप्रसाद मोहंती और अन्य के निजी खातों में स्थानांतरित की गई थी।
आगे की जांच जारी है। गौरतलब है कि ओडिशा सतर्कता विभाग ने बुधवार को भद्रक स्थित जना स्मॉल फाइनेंस बैंक के शाखा प्रमुख और प्रदीप मोहंती के बेटे मातृप्रसाद मोहंती को 5,56,11,495 रुपये के गबन घोटाले में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया था। नवंबर 2018 से सितंबर 2024 तक चले इस घोटाले में जाजपुर जिले के कोरेई स्थित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय के लिए आवंटित धनराशि का दुरुपयोग किया गया। बताया जाता है कि मातृप्रसाद ने अपने पिता प्रदीप कुमार मोहंती के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।

















