मौसम के रूख से बाजार की रौनक हुई कम

सक्ती। नगर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी युवाओं ने होली पर्व की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परंपरागत रूप से नगर में दो स्थानों अग्रसेन चौक गणेश बंध के पास और बुधवारी बाजार स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में होली सजाई जाती है। दोनों स्थानों पर युवकों द्वारा जनसहयोग से लकडिय़ां एकत्र कर होली का ढांचा तैयार किया जा रहा है।
मारवाड़ी समाज की महिलाएं होलिका दहन से पूर्व सुबह गोबर के कंडे, बच्चों के लिए ड्राईफ्रूट और बिस्कुट की माला लेकर होली स्थल पहुंचती हैं और विधि-विधान से पूजा करती हैं। अग्रसेन चौक स्थित होली की व्यवस्था राजेश अग्रवाल द्वारा की जाती है, जहां पूजा से पहले जलपान की व्यवस्था रहती है। पशु चिकित्सालय परिसर में श्यामसुंदर कथुरिया के नेतृत्व में होली सजाई जाती है और पूजा के बाद महिलाओं को जलपान कराया जाता है। इस वर्ष तिथि परिवर्तन के कारण होलिका दहन 2 मार्च की रात होगा। अगले दिन ग्रहण होने से रंग-गुलाल से होली 4 मार्च को खेली जाएगी।
हालांकि इस बार नगर में होली को लेकर पहले जैसा उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है। जहां पूर्व में होली से 15 दिन पहले ही बाजारों में रंग, गुलाल, पिचकारी और नगाड़ों की दुकानों से रौनक आ जाती थी, वहीं इस वर्ष बाजारों में सन्नाटा है। रंग-गुलाल के दुकानदार अनमोल गर्ग ने बताया कि पहले त्योहारों का विशेष महत्व रहता था, लेकिन अब त्योहार एक-दो दिन तक सिमटते जा रहे हैं।

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