अमृत भारत स्टेशन के काम की रफ्तार बहुत धीमी, डीआरएम रंजन भडक़े एजेंसी पर

पद संभालने के बाद पहली बार कोरबा पहुंचे
कोरबा। अमृत भारत स्टेशन की सूची में शामिल किए गए कोरबा में लगभग 49 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। नए फुटओवर ब्रिज के साथ प्लेटफार्म विकास और यार्ड के रि-स्ट्रक्चर के अलावा मुख्य एंट्री के लुक को पूरी तरह से बदलने का काम साल भर बाद भी पूरा नहीं हो सका। डीआरएम रंजन ने कोरबा के पहले प्रवास पर इन कामों की स्लो स्पीड पर एजेंसी पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को इसे लेकर फटकारा भी।
डीआरएम का कामकाज संभालने के अगले दिन उनका कोरबा प्रवास हुआ। बी श्रेणी के रेलवे स्टेशन कोरबा को कोयला लोडिंग और यात्री राजस्व की दृष्टि से महत्व दिया जा रहा है, शायद इसलिए नए डीआरएम ने फौरी तौर पर यहां के प्रवास की योजना बनाई। उन्होंने यार्ड री-मॉडलिंग का काम एक साल से जारी होने और अब तक पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई। मानिकपुर कोल साइडिंग व इमलीडुग्गु रेलवे फाटक पर बनने वाला ओवरब्रिज यार्ड विस्तार में बड़ा बाधक है।
छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हुए हम यार्ड री-मॉडलिंग के काम में तेजी कैसे ला सकते हैं, यह देखना होगा। उक्त कथन दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे बिलासपुर के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राकेश रंजन ने कहे। वे पदभार संभालने के दूसरे ही दिन कोरबा प्रवास पर पहुंचे थे। उन्होंने इमलीडुग्गू रेलवे फाटक के समीप यार्ड री-मॉडलिंग के लिए बनाए गए मैप प्लान को देखने के बाद इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते कोल डिस्पैच के दबाव से राहत पाने क्या प्रयास किए जा सकते हैं, यह सोचना सभी की जिम्मेदारी है। स्टेशन में क्रू लॉबी का निरीक्षण करने के दौरान रनिंग दौरान रनिंग स्टाफ से चर्चा कर परेशानियों को साझा किया। उन्हें ड्यूटी ईमानदारी व सजगता के साथ निभाने कहा। डीआरएम ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर चल रहे कामों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्लेटफार्म पर चल रहे काम का जायजा लिया। अधूरे एफओबी, एआरएम रूम के पुराने पास सेफ्टीवॉल की कमी, प्लेटफार्म पर बिखरी निर्माण सामग्री को व्यवस्थित करने और अधूरे कामों को जल्द पूरा करने कहा।
गेवरारोड स्टेशन के विस्तार पर की चर्चा
डीआरएम रंजन गेवरारोड स्टेशन भी गए। यहां स्टेशन परिसर के साथ कोल साइडिंग को देखा। गेवरारोड स्टेशन के संभावित विस्तार कार्यों की जानकारी ली। पेंड्रारोड रेल कॉरिडोर की लाइन से जुडऩे की योजना के तहत लाइन विस्तार और यार्ड को नए सिरे विकसित करने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। निरीक्षण कर शाम 4 बजे बिलासपुर लौट गए।
रामकिशन ने पूछा, प्रवास को गोपनीय क्यों रखा?
डीआरएम के प्रवास पर रेल संघर्ष समिति कोरबा के संयोजक रामकिशन अग्रवाल ने कहा कि नए डीआरएम श्री रंजन पहली बार कोरबा आए। उनके प्रवास की योजना अधिकारियों ने पहले से ही बना रखी थी, जिसे गोपनीय रखकर यात्रियों के हितों को दरकिनार किया गया। समिति का प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलकर यात्री समस्याओं पर चर्चा कर सुझाव देना चाहता था।

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