मेहनत के साथ अधिकार की ताकत से बदलेगी ग्रामीण विकास की तस्वीर

बीवीजीरामजी योजना के आईइसी अंतर्गत सरोवर संवाद में एकजुट हुए ग्रामीण
कोरिया बैकुंठपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लिए लागू की गई वीबी जीरामजी योजना को जन-जन तक ले जाने के लिए कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में व्यापक प्रचार प्रसार की गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। जिले में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर अलग-अलग प्रचार माध्यमों का उपयोग करते हुए वीबीजीरामजी योजना के अंतर्गत तथ्यों की जानकारी के माध्यम से श्रमिकों और आम नागरिकों के भ्रम को दूर करते हुए सकारात्मक लाभ और उसके अच्छे परिणामों की जानकारी प्रदान की जा रही है। आज मुख्यालय सोनहत के सरोवर संवाद में सरपंच श्रीमती मानमती सिंह, सचिव रामलाल पंच श्रीमती लता सिंह, भूपेंद्र कुमार , राजेंद्र कुमार, ह$फीज़ खान और श्रीमति नीता तिवारी और रोजगार सहायक नन्दलाल राजवाड़े शामिल रहे।
कभी अनिश्चितता और सीमित रोजगार से जूझने वाले ग्रामीण श्रमिकों के चेहरों पर आज भरोसे की मुस्कान आ रही है। कोरिया जिले के वनांचल जनपद पंचायत सोनहत के ग्राम पंचायत मुख्यालय में नर्सरी तालाब जो अब अमृत सरोवर बन चुका है। उसके तट पर आज ग्राम पंचायत सरपंच की उपस्थिति में श्रमिकों ने वीबी रामजी एक्ट 2025 के अंतर्गत अपने अधिकारों को जाना और समझा। सरोवर संवाद में उपस्थित कार्यक्रम अधिकारी प्रतीक जायसवाल ने उपस्थित ग्रामीणों को वीबीजीरामजी के बारे में तथ्यपरक जानकारी प्रदान की। उन्होने बताया कि इस योजना से जुडक़र आपको 125 दिवस के सुनिश्चित रोजगार और 7 दिवस में मजदूरी भुगतान की अनिवार्यता रखी गई है। यह जानकारी मिलते ही श्रमिकों के चेहरे खिल उठे। विकसित भारत – जी राम जी में ग्रामीण श्रमिकों के बेहतरी के लिए बनाए गए प्रावधानों की विस्तृत जानकारी सरोवर संवाद के माध्यम से प्रदान करते हुए ग्राम पंचायत सोनहत के नर्सरी अमृत सरोवर तट पर उपस्थित श्रमिकों के सभी आशंकाओं को दूर भी किया गया। इसी क्रम में सभी आशंकाओ की समाप्ति के बाद ग्राम पंचायत के ग्रामीण श्रमिको एक स्वर में कहा कि नए प्रावधानों से काम के साथ आत्मसम्मान और भरोसा भी लौट रहा है। सरपंच श्रीमती मानमती ने कहा कि हमें जब अधिकारों की जानकारी मिलती है और वह सुनिश्चित रोजगार से जुड़ी हुई होती है तो हम सभी के लिए खुशी की राह बनती है। आने वाले समय में वीबीजीरामजी से होने वाले काम केवल काम ना होकर गांव की आत्मनिर्भरता, सम्मान और खुशहाल भविष्य की नींव बनेंगे।

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