स्वास्थ्य केंद्र में मवेशियों की दखल और गंदगी से बढ़ी मरीजों की परेशानी, प्रबंधन उदासीन

कटघोरा में व्यवस्था की तरफ ध्यान नहीं दे रहे बीएमओ
कोरबा। सरकारी अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए वादे भी किए जा रहे हैं और कुछ हद तक काम भी हो रहा है। इन सबसे हटकर कटघोरा स्थित 50 बिस्तर वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था और गंदगी का आलम देखने को मिल रहा है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल भवन बाहर से व्यवस्थित नजर आता है, किंतु भीतर प्रवेश करते ही स्थिति चिंताजनक दिखाई देती है। विशेष रूप से शौचालयों की हालत अत्यंत खराब बताई जा रही है। शौचालयों में नियमित सफाई का अभाव है, जिससे दुर्गंध और गंदगी के कारण मरीजों को असुविधा हो रही है। परिजनों का कहना है कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है। अस्पताल परिसर में कई दफा मवेशियों के घूमते रहने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कई बार परिसर में गोबर और कचरा फैला देखा गया है। इससे अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। जबकि अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बावजूद नियमित साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि कटघोरा में प्रस्तावित 100 बिस्तर अस्पताल के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वर्तमान 50 बिस्तर अस्पताल का रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा है, तो भविष्य में बड़ी सुविधा के संचालन को लेकर भी आशंकाएं बनी हुई हैं। अस्पताल में पदस्थ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में उपचार मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से साफ-सफाई और व्यवस्था सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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