आंकड़ों की जुबानी, जमाखोरी की कहानी: दिल्ली में 50 फीसदी ज्यादा वितरण, पर सिलिंडर के लिए कतारें बरकरार

नईदिल्ली, १४ मार्च ।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण देश में रसोई गैस सिलिंडरों की कमी का शोर मचा हुआ है, लेकिन आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। ज्यादातर राज्यों में फरवरी माह के आखिर के तीन दिनों में रसोई गैस सिलिंडरों का जितना वितरण हुआ, उससे अधिक वितरण मार्च माह के 10, 11 व 12 तारीख को हुआ है। जानकारी आ रही है कि अफवाहों की वजह से जमाखोरी और कालाबाजारी के कारण रसोई गैस सिलिंडरों की मांग अचानक बढ़ गई है, जो संकट का कारण बना है।राजधानी दिल्ली में फरवरी माह की पहली तारीख को इंडियन ऑयल ने 41,200, भारत पेट्रोलियम ने 33,200 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 28,400 एलपीजी सिलिंडरों का वितरण किया। 10 मार्च को यह संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई। इंडेन ने 52,560, भारत पेट्रोलियम ने 40,760 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 32,880 रसोई गैस सिलिंडरों का वितरण किया। 12 मार्च को यह संख्या क्रमश: 53,716, 42,950 और 33,801 तक पहुंच गई। लखनऊ में तीनों प्रमुख तेल कंपनियों इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से मार्च में फरवरी की तुलना में अधिक सिलिंडरों का वितरण किया गया। एक फरवरी को सिलिंडर आपूर्ति 29534, दो को 30365 और तीन को 24381 रही। मार्च में आंकड़ा बढ़ गया। 10 मार्च को 36037, 11 मार्च को 36375 सिलिंडर आपूर्ति रही। 12 मार्च को भी औसत कुछ ऐसा ही रहा। कानपुर में एक फरवरी को 37955, दो को 36302, तीन को 38943 सिलिंडर आपूर्ति हुई। वहीं, 10 मार्च को आपूर्ति 46196, 11 मार्च को 45298 और 12 मार्च को 48678 हुई। इसी तरह बरेली में एक से तीन फरवरी आपूर्ति के सिलिंडरों की संख्या 25, 000 रही तो 10 से 12 मार्च संख्या 40,000 रही। ऐसे में यह आशंका निर्मूल हो रही है कि तेल कंपनियों ने आपूर्ति में कमी की है। उत्तराखंड में सामान्य दिनों में 65-69 हजार रसोई गैस सिलिंडर का वितरण होता था। हाल के दिनों में पैनिक बुकिंग के कारण मांग 74-75 हजार तक पहुंच गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार प्रदेश में दो दिन का बैकलाग स्टॉक अब भी उपलब्ध है। मध्य प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की प्रतिदिन की औसत खपत 2097 टन है। अधिकारियों का दावा है कि सात दिन का बफर स्टाक भी है।
हरियाणा के फतेहाबाद में प्रतिदिन लगभग 4950 घरेलू सिलिंडरों की मांग के मुकाबले 10425 सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है। करनाल में जहां पहले रोजाना 650-800 बुकिंग होती थीं, अब यह बढक़र 5000-6000 तक पहुंच गई हैं। तेल कंपनियों के पास उपलब्ध स्टाक के आधार पर इंडियन ऑयल के पास लगभग तीन दिन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पास करीब पांच दिन और भारत पेट्रोलियम के पास लगभग सात दिन तक की आपूर्ति का भंडार बताया गया है। पंजाब के लुधियाना में रोजाना लगभग 50 हजार सिलिंडर की बुकिंग होती है और इतनी ही सप्लाई होती है।

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