
जांजगीर। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ ने 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। संघ ने कहा कि 15 अगस्त तक सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया। इसलिए अब प्रदेशभर के 16 हजार से ज्यादा एनएचएम कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
इस बार आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह ठप रहेंगी। संघ की प्रमुख मांगों में संविलियन और स्थायीकरण शामिल हैं। इसके अलावा पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे का निर्धारण, कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता और 27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि की मांग भी की गई है। इन सभी मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। संविदा कर्मियों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पहले चरणबद्ध आंदोलन किया। इसके बाद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। संघ ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए यह हड़ताल जरूरी हो गई है। कर्मचारियों के हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा। कर्मचारी नियमितीकरण, 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि, ग्रेड पे निर्धारण, स्थानांतरण नीति लागू करना, सेवा शर्तों में संशोधन, अन्य विभागों के समकक्ष सुविधाएं, रोजगार सुरक्षा, मातृत्व और पितृत्व अवकाश, वार्षिक वेतनवृद्धि, चिकित्सा बीमा और भत्ता सुविधा की मांग कर रहे हैं।