गिरने लगा पारा, कंपकंपाने वाली ठंड माह के अंत में

जांजगीर। अब सुबह की धूप धीमी पडऩे लगी है और रात की हवा में सिहरन घुल रही है। ठिठुरने वाली ठंड नवंबर के अंतिम सप्ताह में महसूस की जाएगी।
इसी दौर में तापमान अचानक सामान्य से नीचे जाने लगता है। रिकॉर्ड बताते हैं कि 2016 में 23 नवंबर को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं बीते साल 27 नवंबर को पारा 12 डिग्री तक गिरा था। मोंथा और पश्चिमी विक्षोभ ने अक्टूबर के मौसम को प्रभावित किया। शहर और जिले में ठंड की शुरुआत होनी चाहिए थी, तब आसमान बदली और बारिश से घिरा रहा। लगभग एक सप्ताह तक लगातार बादल छाए रहे, जिसके कारण रात का तापमान गिरने के बजाय बढ़ गया। लेकिन अब ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय अब हल्की धुंध देखने को मिल रही है। खेतों और पेड़ों के ऊपर ओस की परत नजर आ रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे हवा का रुख बदलेगा, वैसे-वैसे धुंध और कोहरा भी बढ़ेगा, जिससे दृश्यता पर असर पड़ सकता है। सुबह की धुंध अब दिन भर टिकने लगी है, हाथों की गरमाहट कपों से टकराने लगी है। राहों पर चलते कदमों की आवाज़ मुलायम है, सर्दी अपनी दस्तक अब स्पष्ट कर रही है। इस साल अक्टूबर में सक्रिय हुए मोंथा और पश्चिमी विक्षोभ ने ठंड की शुरुआत को प्रभावित किया। सामान्य तौर पर अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े तक रातें ठंडी होने लगती हैं और सुबह हल्की सर्द हवाएं महसूस होती हैं, लेकिन इस बार मौसम में नमी और बदली छाई रही। लगातार एक सप्ताह तक बादल और हल्की वर्षा ने तापमान को गिरने से रोक दिया। अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले सप्ताह तक बादल छाए रहे। इससे रात का तापमान 24 डिग्री तक रहा। दिन के समय धूप कमजोर रही, वहीं रात में बदली के कारण धरती की ऊष्मा ऊपर नहीं जा सकी।
अक्टूबर की बारिश ने बिगाड़ा मौसम का समीकरण
माह के दूसरे सप्ताह से आसमान साफ, बढ़ेगी ठंड नवंबर के दूसरे सप्ताह से आसमान साफ रहेगा और उत्तर-पूर्वी हवाएं सक्रिय होंगी। इन हवाओं के चलते ठंड धीरे-धीरे बढ़ेगी और नवंबर के अंतिम सप्ताह में पारा तेजी से नीचे गिरेगा। जिले में न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री के आसपास रहेगा।

RO No. 13467/9