आग लगने से मची हड़कम्प,कंडम गाड़ियां खाक हुईं

कोरबा। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अस्पताल के पीछे खड़ी पुरानी कबाड़ गाड़ियों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिसर में धुएं का घना गुबार फैल गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल परिसर के पीछे लंबे समय से कई पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियां कबाड़ के रूप में खड़ी थीं। इन्हीं वाहनों में अचानक आग भड़क उठी और कुछ ही देर में कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। आग की लपटें और धुआं दूर तक दिखाई देने लगा, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की और इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई।
बताया जा रहा है कि दमकल की टीम मौके पर देर से पहुंची, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई और उसने विकराल रूप ले लिया। जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं तब तक 6 वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रही।

गौरतलब है कि जिस स्थान पर आग लगी, उसके पास ही डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की आवासीय कॉलोनी स्थित है। आग की लपटों को देखते हुए लोगों में चिंता बढ़ गई थी कि कहीं आग कॉलोनी तक न पहुंच जाए। हालांकि दमकल की टीम ने स्थिति को संभालते हुए आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोकने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में लंबे समय से पुरानी गाड़ियां और अन्य कबाड़ पड़ा हुआ था, जिससे कई बार सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन कबाड़ वाहनों को हटाया जाता तो इस तरह की घटना की संभावना कम हो सकती थी।
सूत्रों के अनुसार जिस स्थान पर ये वाहन खड़े थे, उसके आसपास अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। पास में संचालित ओएसटी सेंटर में आने वाले कुछ नशे के आदी युवक भी इन गाड़ियों के आसपास बैठते देखे जाते थे। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि किसी असामाजिक तत्व की हरकत के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर यदि इस तरह कबाड़ का ढेर पड़ा रहे और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहे, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

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