
बालाघाट, 0८ फरवरी ।
पाकिस्तान की लाहौर सेंट्रल जेल में सात साल बिताने के बाद मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का प्रसन्नजीत रंगारी अब अपने घर लौट आया है। जब उससे पूछा गया कि क्या जेल में यातनाएं मिलती थीं तो उसने कहा कि वहां आराम नहीं करने देते थे और परेशान करते थे।दोबारा पूछने पर उसने जवाब बदलते हुए कहा कि जेल में सब ठीक था। दरअसल, मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते वह स्पष्ट नहीं बोल पा रहा है। प्रसन्नजीत ने बताया कि जेल में सुबह नाश्ते में चाय-रोटी मिलती थी। दोपहर में खाना मिलता था, जिसमें कभी-कभी मटन-चावल होता थे। वह जेल में सफाई का काम करता था। घर में उत्सव जैसा माहौल, प्रसन्नजीत अपनी बड़ी बहन संघमित्रा खोबरागड़े के घर में है। उसकी वापसी से पूरा परिवार खुश नजर आया और घर में उत्सव जैसा माहौल था। प्रसन्नजीत ने बताया कि वह जबलपुर से ट्रेन में बैठकर दिल्ली चला गया था। वहां से पाकिस्तान कैसे पहुंचा, उसे पता नहीं।

























