
नईदिल्ली 17 जनवरी ।
विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने गुरुओं को लेकर टिप्पणी मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के वीडियो से जुड़ी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया है। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि जांच में पाया गया है कि वीडियो में किसी प्रकार की छेडख़ानी नहीं है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से माफी मांगने को कहा है। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विपक्ष की मांग पर सदन की रिकॉर्डिंग को एफएसएल को भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट आई है। एफएसएल रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि ऑडियो-वीडियो बिल्कुल सही हैं। उसमें किसी प्रकार की छेडख़ानी नहीं की गई है। उन्होंने 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही में हुई बहस का ट्रांसक्रिप्ट भी शेयर किया है। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान विपक्ष की तरफ से यह मांग की गई कि इसकी (आतिशी के वीडियो) फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए। सत्तारूढ़ दल ने भी इस मांग पर अपनी मुहर लगाई। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आगे कहा, जब जांच के लिए इसे भेजा गया तो अचानक 9 जनवरी को ये खबर आती है कि पंजाब सरकार ने पहले ही इसकी जांच करवा ली, रिपोर्ट भी आ गई और एफआईआर भी दर्ज कर ली गई।
यह जो नाटकीय घटनाक्रम रहा है, आज उसका दूध का दूध-पानी का पानी हो गया है। विधानसभा स्पीकर ने मांग की कि पंजाब में वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाए कि क्या एक कांस्टेबल एआई टूल से एक वीडियो की जांच कर सकता है। किस आधार पर यह जांच हुई। फॉरेंसिक साइंस लेब की विस्तृत जानकारी ही नहीं है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह पंजाब सरकार की फॉरेंसिक रिपोर्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा, वीडियो में स्पष्ट है कि गुरु शब्द का इस्तेमाल हुआ है। जो भी घटनाक्रम पंजाब में हो रहा है, उस पूरे घटनाक्रम पर हम निश्चित रूप से सीबीआई जांच करवाएंगे।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा, सच्चाई यह है कि आतिशी की ओर से गुरुओं पर की गई टिप्पणी पर कोई जवाब देने से बचने के लिए विपक्ष राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है। आतिशी के पास जवाब देने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो राज्य की एजेंसी का इस्तेमाल किया गया।

















