हमारे शरीर के लिए विटामिन्स बेहद जरूरी होते हैं। ये विटामिन्स हमारे शरीर के कई जरूरी कामों में मदद करते हैं। अगर किसी खास विटामिन की कमी हो जाए तो शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं। खासकर पैरों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी होना कई बार विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है। आज हम बात करेंगे उस एक विटामिन के बारे में जिसकी कमी से पैरों में दर्द और कमजोरी महसूस होती है।
विटामिन क्च12 की कमी से होती है परेशानी
पैरों में दर्द और कमजोरी का एक बड़ा कारण विटामिन क्च12 की कमी हो सकती है। विटामिन क्च12 हमारे शरीर के लिए नर्व सिस्टम और रक्त निर्माण के लिए बहुत जरूरी होता है। जब शरीर में विटामिन क्च12 की कमी हो जाती है तो नसें कमजोर होने लगती हैं और नर्व फंक्शन प्रभावित होता है। इसके कारण पैरों में झुनझुनी, दर्द और चलने में दिक्कत हो सकती है।
पैरों में दर्द और झुनझुनी की समस्या
जब विटामिन क्च12 की कमी होती है तो पैरों में झुनझुनी या सनसनाहट महसूस हो सकती है। यह एक तरह का नर्व डैमेज होता है, जिसे न्यूरोपैथी कहा जाता है। शुरुआत में दर्द हल्का होता है, लेकिन समय के साथ यह बढ़ सकता है और पैरों में भारीपन या कमजोरी भी महसूस हो सकती है। इस वजह से चलने-फिरने में परेशानी होती है।
कमजोरी और थकान का एहसास
विटामिन क्च12 की कमी से शरीर में थकान और कमजोरी भी आ सकती है। खासकर पैरों में मांसपेशियों की ताकत कम हो जाती है, जिससे चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित होती है। जो लोग अक्सर थकान महसूस करते हैं या पैरों में कमजोरी का सामना कर रहे हैं, उन्हें अपनी विटामिन क्च12 की लेवल जरूर चेक करानी चाहिए।
विटामिन क्च12 की कमी के और लक्षण
सिर्फ पैरों में दर्द ही नहीं, विटामिन क्च12 की कमी से कई और लक्षण भी नजर आते हैं जैसे कि कमजोरी, याददाश्त कमजोर होना, मूड में बदलाव, और जीभ का लाल होना। यदि ये लक्षण दिखें तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विटामिन क्च12 की कमी कैसे पूरी करें?
विटामिन क्च12 की कमी को पूरा करने के लिए सबसे पहले सही डायग्नोसिस जरूरी है। इसके बाद डॉक्टर विटामिन क्च12 के सप्लीमेंट्स देने की सलाह देते हैं। इसके अलावा मांसाहारी लोगों के लिए अंडे, दूध, मांस और मछली विटामिन क्च12 के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड फूड्स या सप्लीमेंट के जरिए विटामिन क्च12 ले सकते हैं।
बचाव के उपाय
अपनी डाइट में विटामिन क्च12 युक्त चीजें शामिल करें। समय-समय पर अपनी हेल्थ चेकअप करवाते रहें। थकान या पैरों में दर्द की समस्या हो तो उसे नजरअंदाज न करें।