निजी कॉलेज की छात्राओं के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में तीन आरोपियों को जमानत मिली

नई दिल्ली 30 नंवबर। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक निजी कॉलेज की छात्राओं के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। स्वामी चैतन्यानन्द इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। जुडिशियल मजिस्ट्रेट फस्र्ट क्लास अनिमेष कुमार ने तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बीस-बीस हजार रुपये के मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने जिन आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया उनमें श्वेता, भावना और काजल शामिल हैं. कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर 27 नवंबर को संज्ञान लिया था। दिल्ली पुलिस ने 1077 पेजों की चार्जशीट दाखिल किया है जिसमें 43 गवाह बनाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक उसे इस मामले की जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत मिले हैं। दिल्ली पुलिस को चैतन्यानंद सरस्वती के मोबाइल फोन से एक व्हाट्सएप ग्रुप के चैट रिकॉर्ड मिले हैं जिसमें वे छात्राओं की तस्वीरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने उनके कमरे से एक सेक्स टॉय और पांच पोर्न सीडी भी बरामद की है. दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), धारा 79, धारा 351(2) और धारा 232 के तहत मामला दर्ज किया है. चैतन्यानंद सरस्वती को आगरा के गिरफ्तार किया गया था. चैतन्यानंद सरस्वती पर आरोप है कि वो आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग की छात्राओं के साथ अश्लील हरकत की थी. कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस चैतन्यानंद सरस्वती के पास था ताकि वो छात्राओं पर नजर रख सके. उसने सुरक्षा के नाम पर सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर वाशरुम के पास इंस्टाल करवाया था. सरस्वती पर छात्राओं से अश्लील हरकत करने के अलावा वित्तीय फर्जीवाड़ा करने का भी आरोप है. आरोप है कि सरस्वती ने संबंधित संस्थान की संपत्तियों को निजी कंपनियों पर किराये पर दे रखा था. वो संस्थान की संपत्तियों से महंगी गाडिय़ां खरीदता था. उसके कब्जे से पुलिस ने एक बीएमडब्ल्यू कार जब्त की थी. वो महंगी गाडिय़ों में लड़कियों को लेकर जाता था और उनके साथ अश्लील हरकत करता था।
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