
सक्ती। नगर में बेजा कब्जा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से इसका समाधान नहीं किया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
विशेषकर गौरव पथ रोड पर स्थिति चिंताजनक है। सदर स्कूल के सामने गेट के पास दुकानदार बेतहाशा बेजा कब्जा कर रहे हैं। दुकानों के सामान सडक़ पर निकालकर ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है, जिससे स्कूल परिसर और आसपास का मार्ग व्यस्त और अव्यवस्थित हो गया है। यह क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय, मिडिल स्कूल, आंगनबाड़ी और कन्या कॉलेज के नजदीक होने के कारण बच्चों के आने-जाने खतरे का स्थान बन गया है। स्कूल के सामने लगे चौपाटी की दुकान के आसपास चार-चक्का और दो-चक्का वाहन खड़े रहते हैं, जिससे सडक़ जाम और अव्यवस्था बढ़ जाती है।
प्रशासन द्वारा कभी-कभार बेजा कब्जा हटाया जाता है, लेकिन दूसरे दिन ही दुकानदार िफर वही दुकान स्थापित कर देते हैं। अग्रसेन चौक के पास भी यही हाल है। जब किसी वीआईपी का काफिला आता है, तो पुलिस और नगर पालिका केवल मार्ग को अस्थायी रूप से खाली कर देती है और कहते हैं कि वीआईपी निकल जाने के बाद फिर कब्जा किया जा सकता है। कभी-कभी अग्रसेन स्टेशन रोड पर आधा से एक घंटा तक जाम रह जाता है, जबकि यातायात पुलिस थाना सडक़ के बिल्कुल समीप है। इसके बावजूद कोई प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था नजर नहीं आती।
कचहरी चैक में चारों तरफ सिग्नल लगे हैं, लेकिन आज तक यह चालू नहीं हुआ। इस चैक से कन्या स्कूल और इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों का मार्ग गुजरता है, लेकिन वहां कोई ट्रैफिक व्यवस्था या पुलिस ड्यूटी नहीं रहती।
नागरिकों ने कई बार लिखित और मौखिक शिकायत के बावजूद प्रशासन की अनदेखी देखी है। उनका कहना है कि समय रहते यदि सडक़ पर बेजा कब्जा और जाम की समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना की संभावना अनियंत्रित रूप से बढ़ सकती है। नगरवासियों की मांग है कि प्रशासन सडक़ सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंभीर कदम उठाए और बेजा कब्जा हटाने के लिए स्थायी समाधान निकाले।

















