नगर पालिका प्रशासन व ठेकेदार की लापरवाही से आवागमन ठप्प

कोरिया चरचा कालरी। नगर पालिका शिवपुर चर्चा के मुख्य मार्ग पर, पुराने पुलिस थाना भवन के समीप, मरम्मत कार्य के नाम पर ठेकेदारों द्वारा खुलेआम मनमानी की जा रही है। इस स्थान पर सडक़ के एक किनारे से दूसरे किनारे तक एसईसीएल चरचा कालरी प्रबंधन की सीवरेज पाइपलाइन गुजरी थी, जिसे मरम्मत के दौरान खोदा गया। नियम के अनुसार, पाइपलाइन खोदने के बाद मिट्टी भरना और सडक़ को पूर्व स्थिति में लाना ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन कॉलरी के सिविल विभाग के अधिकारियों की अनदेखी से यह कार्य अधूरा छोड़ दिया गया।
चर्चा कालरी क्षेत्र में लगभग 25,000 की आबादी है और इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में स्कूली बच्चे बैकुंठपुर आना-जाना करते हैं इसके अतिरिक्त हजारों लोग जिला मुख्यालय वह समीपवर्ती क्षेत्र में आवागमन करते हैं पालिका क्षेत्र में यही एकमात्र रास्ता है जो नेशनल हाईवे से पालिका क्षेत्र को जोड़ता है इस वजह से इस मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव भी रहता है इस बात से पालिका प्रशासन वाकिफ है ऐसे में आठ अगस्त को, रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले, नगर पालिका द्वारा सडक़ की खुदाई और ढलाई का कार्य शुरू कर दिया गया, जबकि प्रशासन और ठेकेदार को पता था कि अगले दिन नव अगस्त को राखी का त्यौहार है और बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने के लिए इसी मार्ग से आना-जाना होगा। लेकिन बहनों के प्रति न कोई संवेदना दिखाई दी, न सुविधा की चिंता। नव अगस्त के दूसरे दिन अर्थात दस अगस्त को पालिका क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार लगता है, साप्ताहिक बाज़ार के दिन, इस मार्ग पर भारी संख्या में ग्रामीण और व्यापारी आते हैं, पर सडक़ अवरुद्ध होने से सभी को कठिनाई झेलनी पड़ी। विगत चार दिन से इस महत्वपूर्ण मार्ग परआवागमन बाधित है, लेकिन न कोई ठोस कार्यवाही, न जनहित में सार्वजनिक सूचना। उलटे, कार्य को शीघ्र पूरा करने के बजाय विलंब ही किया जा रहा है। दो दिनों के पश्चात
पंद्रह अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले भी यही हालात बने रहने के आसार हैं, जबकि इस दौरान भी मार्ग पर भीड़ और गतिविधियां अधिक रहेंगी। अत्यंत महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग के इस महत्वपूर्ण मरम्मत कार्य के तहत मात्र10 फीट चौड़ाई व 15 फीट लंबाई मैं कंक्रीट ढलाई करना था जो अभी तक अधूरा पड़ा है इस प्रकार के कार्य नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हैं सवाल यह है कि नगर पालिका और ठेकेदार इतने महत्वपूर्ण कार्य के समय और प्रबंधन को लेकर इतने लापरवाह क्यों हैं? क्या जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का ज़रा भी एहसास है? स्थानीय नागरिकों का कहना है, अगर कोई आम नागरिक सडक़ बाधित करता है तो तुरंत कार्रवाई होती है, फिर नगर पालिका द्वारा बिना सूचना सडक़ बंद करना किस कानून के तहत उचित है? अब ज़रूरी है कि विलंबित निर्माण कार्य तुरंत पूरा कर सडक़ को चालू किया जाए और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई हो।

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