
नईदिल्ली, १७ फरवरी ।
राजधानी में सोमवार को एआई समिट के पहले दिन वीवीआईपी मूवमेंट ने ट्रैफिक व्यवस्था दिनभर प्रभावित रही। सुबह से ही नई दिल्ली जिले की प्रमुख सडक़ों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, जाम का दायरा फैलता चला गया। हालात इतने बदतर हो गए कि देर शाम तक ट्रैफिक कंट्रोल रूम को जाम की 12 से अधिक काल्स मिलीं, जिनमें अधिकांश शिकायतें नई दिल्ली इलाके से दर्ज की गईं। इंटरनेट मीडिया पर भी लोगों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए प्रशासन से जल्द राहत दिलाने की मांग की।एआई के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने पहले से एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर न के बराबर नजर आया। सोमवार सुबह से ही वीवीआईपी मूवमेंट के चलते कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई, जिससे सामान्य ट्रैफिक पर अचानक दबाव बढ़ गया। इसका सीधा असर भैरों मार्ग, शाहजहां रोड, मथुरा रोड और सी-हेक्सागन जैसे प्रमुख मार्गों पर देखने को मिला, जहां वाहन घंटों रेंगते रहे। कई स्थानों पर महज कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को आधे घंटे से भी अधिक समय लग गया। जाम की मार सिर्फ नई दिल्ली जिले तक सीमित नहीं रही, बल्कि सेंट्रल जिले के इलाकों में भी ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। आफिस टाइम के दौरान हालात और भी बिगड़ गए, जब एक साथ बड़ी संख्या में वाहन सडक़ों पर उतर आए। कई चौराहों पर ट्रैफिक पूरी तरह थम सा गया, जिससे वाहन चालकों की झुंझलाहट खुलकर सामने आई। स्थिति तब और जटिल हो गई, जब अरुण जेटली स्टेडियम में चल रहे क्रिकेट मैच को देखने पहुंचे दर्शकों ने सडक़ों के किनारे अव्यवस्थित पार्किंग कर दी। इससे सडक़ की चौड़ाई घट गई और ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ गया। कई जगहों पर वाहन चालक अपनी गाडिय़ों से उतरकर ट्रैफिक पुलिस से जाम खुलवाने की गुहार लगाते नजर आए। हालांकि कई पाइंट्स पर ट्रैफिक कर्मी मुस्तैदी से जाम खुलवाने में जुटे रहे, लेकिन कुछ स्थानों पर उनकी कमी के चलते हालात और बिगड़ गए। शाम ढलते-ढलते जाम ने विकराल रूप ले लिया और घर लौट रहे लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गईं।

















