
नईदिल्ली, १० अगस्त ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय बासमती चावल पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, जो पहले से लागू 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ के ऊपर है। जिससे कुल टैक्स अब 50 प्रतिशत हो गया है। इस फैसले से भारतीय बासमती चावल अमेरिका में महंगा हो जाएगा और पाकिस्तान को इससे फायदा मिलेगा, क्योंकि वहां से आने वाली बासमती पर केवल 19 प्रतिशत टैरिफ लगता है। अमेरिकी बाजार में बासमती चावल की कुल मांग लगभग 5 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें भारत 3 लाख मीट्रिक टन (करीब 350 मिलियन डॉलर मूल्य) निर्यात करता है। जबकि, पाकिस्तान 1.8 मीट्रिक टन भेजता है।फिलहाल, भारतीय बासमती की औसत कीमत 1200 डॉलर प्रति मीट्रिक टन है। लेकिन, नए टैक्स के बाद यह 1800 डॉलर हो जाएगी, जबकि पाकिस्तान की बासमती 1450 डॉलर प्रति टन में उपलब्ध होगी।
पंजाब भारत में सबसे ज्यादा बासमती चावल उत्पादक राज्य है, जो कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत देता है। इसके बाद हरियाणा और अन्य राज्य आते हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने 59.42 लाख मीट्रिक टन निर्यात किया, जिसमें अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 3 लाख मीट्रिक टन रही। नए टैरिफ से भारत की अमेरिकी बाजार में हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से 80त्न तक घट सकती है। बासमती की खेती पंजाब में 2015-16 के 7.63 लाख हेक्टेयर से घटकर 2024-25 में 6.39 लाख हेक्टेयर रह गई।
पिछले साल बासमती की कीमत 4500 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो घटकर 3500-3600 रुपये हो गई। अगर स्थिति खराब रही तो यह और गिरकर 3000 रुपये तक आ सकती है।निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका में मांग घटने से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में खरीद मूल्य कम होगा। इससे किसानों की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। स्थानीय थोक बाजार में भी दाम 71 रुपये किलो से घटकर 62 रुपये किलो हो गए हैं। खुदरा कीमत भी घट सकती है।






















