
ओडिशा, 04 अगस्त ।
कल देर रात दो अलग-अलग जगहों पर रेलवे पटरियों पर लगातार हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोटों से ओडिशा-झारखंड सीमा क्षेत्र में दहशत फैल गई। माओवादियों द्वारा किए गए इन विस्फोटों ने महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना को निशाना बनाया और ट्रेन सेवाओं को बाधित किया, साथ ही एक रेलकर्मी की जान भी ले ली। रिपोर्टों के अनुसार, एक विस्फोट झारखंड के करमापाड़ा रेलवे स्टेशन के पास हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट ओडिशा के के. बलांग पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेलवे ट्रैक पर, विशेष रूप से रेंजडा सेक्शन में हुआ। ये दोनों स्थान महत्वपूर्ण करमापाड़ा-रेंजडा मार्ग पर स्थित हैं, यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ पहले भी माओवादी गतिविधियाँ देखी गई हैं। ये घातक विस्फोट संदिग्ध माओवादियों द्वारा रेलवे ट्रैक को उड़ाने के लिए आईईडी का इस्तेमाल करके किए गए थे। विस्फोट के कारण एक रेलवे कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान दुखद मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे गंभीर हालत में पास के अस्पताल ले जाया गया। यह घटना एक दिन पहले करमापाड़ा और रेंजडा के बीच हुए इसी तरह के एक और विस्फोट के बाद हुई है, जहाँ रेल यातायात को निशाना बनाने के लिए पटरियों पर विस्फोटक लगाए गए थे।
ये हमले इस संवेदनशील क्षेत्र में परिवहन और बुनियादी ढाँचे को बाधित करने के माओवादियों के सुनियोजित प्रयास का हिस्सा प्रतीत होते हैं। दोहरे विस्फोटों के बाद, बिमलागढ़ खंड पर रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। सुरक्षा बलों ने अपराधियों का पता लगाने और आगे की तोडफ़ोड़ की कोशिशों को रोकने के लिए क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।


























