
कानपुर। तीन माह पहले पीपीएन मार्केट में बैजनाथ ज्वैलर्स के यहां नकली चांदी बेचकर 23 लाख का असली सोना खरीदने वाले आगरा के गिरोह के दो और आरोपितों को कर्नलगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके पास से पांच लाख रुपये बरामद हुए। इससे पहले 12 नवंबर 2025 को इसी गिरोह के पांच आरोपितों को पकड़ा था। पुलिस अब गिरोह के सरगना आगरा के भरदौली पिनहट निवासी छत्रपाल सिंह की तलाश में जुटी है। ये गिरोह कोटा, ग्वालियर, जयपुर, दिल्ली समेत शहरों में भी ठगी कर चुका है।परेड के पीपीएन मार्केट स्थित बैजनाथ ज्वैलर्स की दुकान में 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस पर भीड़ दी। इसीबीच दो लोग दुकान पहुंचे और उनसे कहा कि उनके पास 15 किलो चांदी की पुरानी सिल्ली पड़ी हुई है। वह उसे बेचना चाहते हैं। भीड़ होने पर सर्राफ ने कर्मचारी से चांदी की जांच करने को कहा, लेकिन जल्दी में चांदी ठीक से नहीं देखी और उसे खरीदने को तैयार हो गए। दोनों ने उन रुपयों के बदले 23 लाख का सोना खरीद लिया। अगले दिन सर्राफ ने चांदी की सिल्ली की जांच की तो वह नकली निकली। सिल्ली रांगे की थी और उस पर चांदी की पालिश की गई थी। सर्राफ दिलीप अग्रवाल ने दो नवंबर को कर्नलगंज थाने में मुकदमा कराया। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि क्राइम ब्रांच व साइबर टीम ने ठगी करने वाले गिरोह के आगरा के लोहामंडी निवासी मोहित वर्मा, ट्रांस यमुना कालिंदी विहार निवासी नंदू शाक्य, राजकुमार वर्मा, संजय वर्मा और चकेरी के प्रवीण सिंह को 12 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के पास से 12.500 किलो चांदी व 17.75 ग्राम सोना बरामद किया था, जबकि सरगना छत्रपाल व उसके साथी ट्रांस यमुना कालिंदी बिहार निवासी देवेंद्र गुप्ता उर्फ देवा व आकाश अग्रवाल उर्फ राजा फरार थे।
उन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित था। कर्नलगंज थाना पुलिस ने देर रात पांच मुकदमों के आरोपित देवेंद्र व दो मुकदमों के आरोपित आकाश को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेजा है।
















