
जम्मू, २२ मार्च ।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में सडक़ हादसे में सेना के दो जवान बलिदान हो गए। लद्दाख में देश सेवा करते हुए शनिवार को बलिदान हुए इन सैनिकों की पहचान हवलदार किशोर बारा व सिपाही सूरज कुमार के रूप में हुई है। इन बलिदानियों के पार्थिव देह सैन्य सम्मान पूर्वक लेह से उनके घरों को भेजे जा रहे हैं। लद्दाख की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने सैनिक के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है।कोर कमांडर ने एक्स पर सैनिकों के बलिदान व देश के प्रति उनके योगदान को सलाम किया है। उन्होंने कोर के अधिकारियों व जवानों की ओर से शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना भी दी है। वहीं, सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार ने भी बलिदान देने वाले जवानों की वीरता की सराहना की।लद्दाख के पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल पीएस सिद्धु ने बताया कि सैन्य वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो सैन्य कर्मी बलिदान हुए थे। उन्होंने बताया कि सैन्यकर्मी कहां के रहने वाले हैं इसके बारे में अभी अधिकारिक रूप से जानकारी नही है।
वहीं, दूसरी तरफ सुरक्षाबलों ने ग्रीष्मकालीन राजधानी के साथ सटे डाचीगाम नेशनल पार्क में आतंकियों के एक बंकरनुमा ठिकाने को नष्ट कर दिया। इस ठिकाने का इस्तेमाल करने वाले आतंकियों को पकडऩे के लिए सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है। इस अभियान में खोजी कुत्तों और ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।
यहां मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को अपने तंत्र से पता चला था कि डाचीगाम नेशनल पार्क के ऊपरी हिस्से में पहलीपोरा को पास जंगल में आतंकियों की गतिविधियां हैं।इसके आधार पर जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दल एसओजी के जवानों ने सेना की 50 आरआर के जवानों के साथ मिलकर आतंकियों को पकडऩे के लिए एक अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान जवानों ने जंगल में एक जगह आतंकियों द्वारा बनाए गए बंकरनुमा ठिकाने का पता लगाया।


















