
जांजगीर चांपा। बिर्रा जिले के डीडीएस स्कूल बिर्रा में अनोखा मामला सामने आया है, यहां कामर्स विषय नहीं है, इसके बाद भी दो शिक्षक सालों से जमे हुए हैं और कामर्स विषय के शिक्षक बच्चों को राजनितिक और अर्थशास्त्र विषय का ज्ञान दे रहे हैं। साठगांठ कर युक्तियुक्तकरण के नियमों को अनदेखा किया गया। शिक्षा विभाग में नियमों की अनदेखी और मनमानी पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार द्वारा बनाए गए युक्तियुक्तकरण नियमावली को
दरकिनार करते हुए विभागीय अधिकारियों पर शिक्षक हित में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगा है, नियमों को ताक पर रखने के कारण बम्हनीडीह के तत्कालीन बीईओ एमडी दीवान को निलबित कर दिया गया था। ताजा मामला बम्हनीडीह ब्लॉक के डीडीएस स्कूल बिर्रा से सामने आया है, जहां कामर्स विषय ही नहीं है और दो शिक्षक सरस्वती कुम्भकार (व्याख्याता) सुशील नेताम व्याख्याता अतिशेष के रूप में भी कार्यरत हैं। कथित साठगांठ के चलते दोनों को युक्तियुक्तकरण के नियमों से दूर रखकर लाभ पहुंचाया गया।
युक्तियुक्तकरण नीति के तहत अतिरिक्त शिक्षकों को कम स्टाफ वाले स्कूलों में भेजा जाना है, लेकिन सवाल यह उठता है कि डीडीएस जब कामर्स विषय ही स्कूल बिर्रा में जब नहीं है तो दोनों शिक्षक-शिक्षिका को रिलीव नहीं किया गया, युक्तियुक्तकरण के तहत अन्य स्कूलों में ट्रांसफर तक नहीं किया गया, क्योंकि जांजगीर चांपा जिले के अन्य स्कूलों में कामर्स विषय के शिक्षकों कि कमी हैं, वहां इन्हें ट्रांसफर किया जा सकता था, लेकिन प्राचार्य, बीईओ कि मिलीभगत से जानकारी छुपाई गई। वही मामले में प्रभारी बीईओ रत्ना बवाईत से संपर्क करने कि कोशिश किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इस संबंध में जानकारी होने के बाद भी अब तक ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है।
कामर्स के शिक्षक पढ़ा रहे राजनीति व अर्थशास्त्र
वही बीईओ से सांठगांठ कर युक्तियुक्तकरण के नियमों को ठेंगा दिखाकर कामर्स के शिक्षक शिक्षिका सरस्वती कुम्भकार व्याख्याता सुशील कुमार नेताम व्याख्याता बच्चों को राजनितिक और अर्थशास्त्र कि पढ़ाई करा रहे हैं जिससे शिक्षा के गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
कामर्स विषय के दो शिक्षक सरस्वती कुम्भकार (व्याख्याता), सुशील कुमार नेताम (व्याख्याता) शाला में पदस्थ हैं। जो वर्तमान में राजनीति और अर्थशास्त्र विषय पढ़ा रहे हैं।
सुनील कुमार कुर्रे, प्राचार्य डीडीएस स्कूल, बिर्रा
तैयार हो है। काउंसलिंग करके जेडी ऑफिस भेजा जाएगा। जेडी ऑफिस से ही आगे कि कार्रवाई की जाएगी।
अश्वनी भारद्वाज, डीईओ
जांजगीर-चांपा






























