
फरीदाबाद। शनिवार शाम को सेक्टर-12-15 की डिवाइडिंग सडक़ पर करीब डेढ़ किलोमीटर तक जाम था। जाम इस कदर था कि लोग एक घंटे से अधिक समय तक इसमें फंसे रहे। स्वयं केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी काफी देर तक जाम में फंसे। हैरत की बात यह है कि यातायात पुलिस सोती रही। उन्हें इस मामले की जानकारी ही नहीं थी कि जाम लग रहा है। शिकायतें आने पर यातायात पुलिस को सूचित किया गया, उसके बाद जाम खुलवाने पर काम शुरू हुआ। इस सडक़ पर जाम का असर सेक्टर-14, 15, 16 तक दिखाई दिया। साथ ही सडक़ से कनेक्ट होने वाली सभी सडक़ों पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। कोर्ट रोड पर भी बुरा हाल हो गया। सेक्टर-7-10 की डिवाइडिंग सडक़ को जाने वाली रोड पर भी लंबा जाम दिखाई दिया।जाम की स्पष्ट वजह यातायात पुलिस के पास भी नहीं है। यह पता चला कि शनिवार को सेक्टर-15, 17 के शिक्षण संस्थानों और ग्रेटर फरीदाबाद स्थित कुछ सोसायटी में प्रदर्शनी व उत्सवी आयोजन थे।
और बाइपास को जाने वाली एक रोड पर एक बड़ी गाड़ी खराब हो गई थी।इस वजह से कुछ देर के लिए ट्रैफिक धीमा हो गया। इस दौरान बीच में से कुछ गाडिय़ां निकल गई और उन्होंने दोहरी लाइन बना दी, जबकि कुछ रांग साइड जाने लगे। इससे गाडिय़ां आपस मेंं फंस गई और जाम लगता चला गया।वैसे भी जब से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शुरू हुआ है, तभी से लिंक सडक़ के चौराहे पर लंबा जाम लग रहा है। प्रतिदिन शाम को दो घंटे तक यहां वाहनों की लंबी लाइन रहती है। जबकि यह सडक़ काफी महत्वपूर्ण है। इसी सडक़ से जिला अदालत, टाउन पार्क, लघु सचिवालय, जीएसटी, एचएसवीपी व अन्य आधा दर्जन विभाग सीधे कनेक्ट हैं। इसके बावजूद यहां पुलिस की तैनाती नहीं रहती।
एक पुलिसकर्मी केवल बीपीटीपी चौराहे पर तैनात रहता है। यातायात थाना प्रभारी अनोज कुमार ने बताया कि उन्हें जाम की सूचना नहीं मिली थी। हां बाटा चौक के पास एक ट्रक खराब जरूर हो गया था जिसकी वजह से यातायात सेक्टर-12-15 की डिवाइडिंग सडक़ की ओर जाने लगा। मौके पर पुलिस कर्मियों को भेज कर व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई।
































