नकल पर नकेल के लिए UPPSC लाया ‘AI- प्रहरी’, एक छोटी से गलती अभ्यर्थियों को पड़ेगी भारी

प्रयागराज।  उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) अब परीक्षाओं को नकल मुक्त और पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित हाई-टेक कैमरों की तैनाती का फैसला किया है। ये कैमरे इतने संवेदनशील होंगे कि अब अगर आपने परीक्षा के दौरान गर्दन घुमाई, फुसफुसाए, इशारा किया या सीट से उठे – तो कैमरा नहीं, खुद ‘एआइ प्रहरी’ आप पर नजर रखेगा। हर संदिग्ध गतिविधि का सीधा अलर्ट कंट्रोल रूम में जाकर बजेगा। ऐसे में अब नकल करने वाले के लिए न कोई कोना सुरक्षित है, न कोई विधि।हर कैमरा सिर्फ देखेगा नहीं, अब समझेगा और बताएगा भी।

यह सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों पर परीक्षा केंद्र, कक्ष, सीट नंबर और रोल नंबर सहित पूरे विवरण के साथ आयोग के कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना भी भेज देगा। आयोग ने इस प्रणाली को पहले पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में कुछ केंद्रों पर प्रयोग के तौर पर लागू किया था।
इसके सकारात्मक परिणामों के बाद, अब यह तकनीक आगामी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण रूप से लागू की जाएगी। इसमें आरओ-एआरओ -2023 प्रारंभिक परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण होगी। इस व्यवस्था के लिए आयोग ने एक विशेष तकनीकी एजेंसी को हायर किया है, जो परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए एआइ आधारित समाधान प्रदान करेगी।
यानी केंद्रों पर यही एआइ आधारित कैमरे लगाए जाएंगे, जिनका पूरा नियंत्रण आगे के पास होगा। साथ ही यह एजेंसी न सिर्फ गतिविधियों की निगरानी करेगी, बल्कि डेटा विश्लेषण कर संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट भी तैयार करेगी।
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