सचिव मोहम्मद इलाही की मनमर्जी को लेकर ग्रामीणों ने जिपं सीईओ को सौंपा ज्ञापन

अकलतरा। नव निर्वाचित सरपंच एवं पंच निर्वाचित हुए हैं जिन्होंने ग्राम पंचायत को विकसित करने के लिए संकल्प लिया हुआ है। लेकिन नए-नए पंचायत के सदस्य बने पंच एवं सरपंच का निरादर करते हुए ग्राम के सचिव इलाही मोहम्मद कुरैशी ने ग्राम के पंचायत भवन में बिना सहमति के मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। पंचों के द्वारा मनाही करने पर भी उनके द्वारा बोला गया कि मैं सचिव हूं। अपनी मर्जी का मालिक हूं। मुझे किसी नेता से डर नहीं है। न ही में किसी पंच और सरपंच की बात से सहमत रहूंगा। क्योंकि जो कार्य में कर रहा हूं अपने पैसे लगाकर कर रहा हूं और ग्राम पंचायत भवन में ही करूंगा। ऐसा बोल उपसरपंच व पंच की उपस्थित होने के बावजूद ग्राम पंचायत में चाल कटिंग कराया गया एवं मीडिया वाले को भी बुलाकर स्वयं ही मीडिया में प्रसारित किया और लोगों के द्वारा सूचना प्राप्त हुआ है कि आवास दिलाने के नाम पर भी लोगों से पैसे की मांग की भी शिकायत आई है। इसको लेकर सभी पंचों के द्वारा यह समिति बनी की ग्राम पंचायत सचिव हमारी बात नहीं मान रहे हैं। तो हम यहां पर रहने नहीं देंगे एवं जनपद कार्यालय अकलतरा में सरपंच एवं पंचों के द्वारा सचिव के गलत काम को देखते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। यह से जल्द से जल्द ग्राम पंचायत रसेड़ा से मुक्त कर अन्यत्र कहीं स्थांतरित किया जाए। सरपंच प्रतिनिधि सुरेश सिंह राज एवं ग्राम के पांच लोक नारायण निर्मलकर के द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे से भी इस बात को अवगत करा कर कार्यालय में सचिव को स्थानांतरित करने के लिए आवेदन दिया गया। यह बताया गया कि अकलतरा एवं ग्राम पंचायत रसेड़ा के सदस्यों के द्वारा बनाया गया ग्रुप में आए दिन
कुछ न कुछ अभद्रता भरी बातें पोस्ट किया जा रहा है। यह उचित नहीं है और इस लिए किसी भी परिस्थिति में ग्राम पंचायत के सरपंच और पंचों ने ठाना है कि सचिव मोहम्मद इलाही को ग्राम पंचायत रसेड़ा में नहीं रखा जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सभी पंच अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए भी तैयार हैं। शासकीय कर्मचारी होकर भी वह शासन प्रशासन के नाम से सोशल मीडिया पर अभद्रता भरी बातें व्हाट्सएप पर पोस्ट किया जा रहा है और उनके द्वारा बोला जा रहा है कि मुझे हटाने के लिए आप लोगों को मुख्यमंत्री तक जाएंगे तो भी मुझे नहीं हटा पाओगे। यह बहुत बड़ी बात है की एक शासकीय कर्मचारी को ऐसी अभद्रता पूर्ण बातों को लेकर रोष है।

RO No. 13467/9