
कोरबा । जिले में लगातार हो रही बरिश के कारण ऊर्जाधानी पानी-पानी हो गई है। शहर से लेकर उपनगरीय इलाकों के निचली बस्तियों में पानी भरा हुआ है। लोगों को अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा है।बादलों के जमकर बरसने से निचली बस्तियों में जल स्तर बढ़ गया है। नदी-नाले उफान में हैं।
कोरबा के सभी नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण से हसदेव नदी के जल में भी वृद्धि हुई है और नदी किनारे कब्जा कर बनाए गए घरों में पानी भर गया है। सबसे बुरा हाल सीतामणी क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के पीछे स्थित बस्ती का है। इस क्षेत्र की अधिकांश बस्तियां हसदेव नदी की डुबान क्षेत्र में आती है। बारिश के कारण नदी में जल स्तर बढऩे से इन घरों में पानी घुस गया है।लगातार हो रही बारिश के चलते इन बस्तियों में पानी भरा हुआ है। कई मकानों में वर्षा का जल घुस गया है। यहां रहने वाले लोगों को इन मकानों को खाली करना पड़ा है और उन्होंने सुरक्षित स्थान पर शरण लिया हुआ है। कई लोग अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे हैं।क्षेत्र के पार्षद प्रतिनिधि सुफल दास महंत ने बताया कि इस क्षेत्र में स्थित अधिकांश मकान हसदेव नदी के डुबान क्षेत्र में आते हैं और इन्हें खाली करने के लिए पहले ही कोरबा जिला प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को कहा गया था। कई लोगों ने अपना मकान खाली कर दिया है, कुछ लोग बचे हुए थे उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
बरहाल मौसम विभाग में अगले 3 घंटे में कोरबा में भारी बारिश के चेतावनी जारी की है,