संचालक और आबकारी विभाग के अलग-अलग तर्क
कोरबा। कोयलांचल दीपका में आबकारी विभाग के नियंत्रण में संचालित शराब दुकान के परिसर में चल रही चखना दुकानों को लेकर नियम सरेआम टूट रहे हैं और यह सबकुछ सिस्टम की देखरेख में जारी है। शर्तों के अंतर्गत न तो व्यवस्था है और न सुविधाएं। इस मामले में संचालक की अपनी दलील है और अफसर के अपने तर्क। इस चक्कर में दूसरे स्थानों पर अव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है।
कोरबा जिले के दीपका में आबकारी विभाग को या तो बखूबी जानकारी है या फिर इसे अनदेखा कर चखना दुकान की अव्यवस्था को हासिए पर किया जा रहा है। खबर के अनुसार शराब दुकानों के परिसर में ही चखना दुकानों के संचालन के अधिकार दिए गए हैं। इन्हें अहाता और दूसरे नाम दिए गए हैं। यहां-वहां होने वाले कुप्रबंधन को समाप्त करने और शिकायतों को दूर करने के इरादे से इस तरह की व्यवस्था पर काम किया गया। बताया गया कि अकेले इस काम के लिए लाखों के टेंडर दिए गए और संबंधित संचालकों को व्यवस्था संबंधी अधिकारी दिए गए। इसके अंतर्गत परिसर का उपयोग करने वाले शराब प्रेमियों को उचित बैठक व्यवस्था दी जानी है। बेहतर हवा प्राप्त हो, इसके लिए मौके पर पंखे और कूलर का प्रबंध भी करना है। इस दौरान इस बात का ख्याल भी रखा जाना है कि पूरे परिसर में इस हवा का अपना प्रभाव हो और उपयोगकर्ता एक अच्छे वातावरण को महसूस कर सकें। इन सबके पीछे उद्देश्य यही है कि माहौल भी अच्छा हो और जिस बात के लिए यह सब किया जा रहा है, उसकी लागत का सदुपयोग हो। बताया गया कि दीपका के मामले में ये नियम कायदे केवल फाइलों का स्तर बनकर रह गए हैं। जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ है नहीं। खबर के अनुसार संचालक की ओर से यथा स्थान पर पर्याप्त व्यवस्थाएं करने में उदासीनता बरती गई है। उसका कहना है कि जिस तरह के प्रावधान मेरे मामले में हैं उसके हिसाब से यही हो सकता है, बाकी नहीं। रही बात ग्राहकों की, जिन्हें आना है उन्हें कोई नहीं रोक सकता। दुकान संचालक से पूछने पर जानकारी मिली कि उसे किराए के नाम पर अलग से मकान मालिक के द्वारा एक लाख की डिमांड की जाती है। यह राशि कहां से मैनेज होगी। उसे प्राइवेट रूम दे रखा है और उसी दुकान का 70 हजार रुपए एक्स्ट्रा किराया लिया जाता है। इसके ठीक उल्टे आबकारी निरीक्षक का कहना है कि चखना दुकान संचालक का तर्क है कि 100 मीटर की दूरी में दूसरी ऐसी सभी अवैध दुकानें बंद कर दोगे तभी मैं विभाग की शर्तों के अंतर्गत सुविधायुक्त कैंटीन (चखना दुकान) खोलूंगा। इस तरह की व्यवस्था में दीपका की चखना दुकान अधिकृत रूप से शराब दुकान परिसर में चल रही है। इस पूरे मामले को लेकर स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।