पश्चिम एशिया जंग: भारत ने स्पष्ट की अपनी नीति, जहाज के बदले मार्ग जैसी कोई चर्चा नहीं

नईदिल्ली, १८ मार्च ।
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को उन खबरों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के बदले में भारत द्वारा जब्त तीन गए तेल टैंकरों को छोडऩे की मांग कर रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत और ईरान के अधिकारियों के बीच इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में कहा कि जिन तीन जहाजों का जिक्र किया जा रहा है, वे ईरान के स्वामित्व वाले नहीं हैं और न ही उन पर कोई ईरानी चालक दल है।
उन्होंने कहा- ऐसी खबरें बेबुनियाद हैं। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि भारतीय और ईरानी अधिकारियों के बीच इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है। ये टैंकर नहीं, जहाज हैं। खबरों के अनुसार, भारत के तटीय अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकर को रोका है, जिनका कथित तौर पर ईरान से संबंध है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन तीनों टैंकर को फरवरी में रोका गया था। भारत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले 20 से अधिक भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए ईरान के संपर्क में है।क अन्य सवाल पर जायसवाल ने कहा कि हम ईरान और अन्य देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं और कई जहाज अभी भी होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए हैं। हमारा इरादा उन जहाजों को सुरक्षित वापस घर लाने का है।

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