
बॉलीवुड एक्ट्रेस फातिमा सना शेख छोटी उम्र से ही इंडस्ट्री का हिस्सा रही हैं और इसलिए उन्होंने सब कुछ देखा है। कुछ ऐसी चीजें भी जो एक बच्चे को नहीं देखनी चाहिए। उनके अनुभवों ने उन्हें जल्दी परिपक्व बना दिया, लेकिन उनके अंदर की मासूमियत आज भी जिंदा है। फातिमा सना शेख ने 4 साल की उम्र से करियर की शुरुआत की और टीवी की जर्नी से होते हुए बॉलीवुड में एंट्री ली। हालांकि बचपन में उन्हें शूटिंग सेट पर काफी कुछ झेलना पड़ता था। दंगल से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली सना शेख बचपन में ही बड़े स्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर कर चुकी हैं।
उन्होंने कमल हासन और तब्बू अभिनीत 1997 की हिट फिल्म चाची 420 में कमल हासन की बेटी का रोल प्ले किया था। सना ने खुद खुलासा किया था कि उस वक्त बच्चों को क्या ही पता होता है और जो बोला जाता है, बच्चे अपने मूड के हिसाब से करते हैं। ऐसा ही कुछ चाची 420 के सेट पर हुआ और उन्हें रोने के लिए कहा गया। अभिनेत्री ने बताया था कि उस वक्त उन्होंने नकली रोना शुरू किया और थोड़ा सा मुंह बना लिया, लेकिन सीन को परफेक्ट बनाना था और तभी किसी ने मुझे जोरदार डांट लगाई और मैं सच में रोने लगी। फिर उन्होंने कहा कि ऐसे ही रोना चाहिए था। सना को ऐसी भी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा जिनसे किसी बच्चे को नहीं गुजरना चाहिए। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट सेट पर 15 घंटे प्रतिदिन काम करना पड़ता था और उस वक्त बाल कलाकारों के लिए नियम और सुरक्षा जैसी कोई चीज नहीं थी। वे सेट पर बड़ों लोगों की ऐसी बातें सुनती थी, जो बच्चों को नहीं सुननी चाहिए। फातिमा ने आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने हर क्षेत्र में हाथ आजमाया। फिल्मों में सहायक भूमिकाओं के अलावा, उन्होंने कुछ टेलीविजन शो भी किए। वे फिल्मों में आने से पहले सीरियल अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो में नजर आईं, जहां उन्होंने सुमन का किरदार निभाया। इसके अलावा वे लेडीज स्पेशल शो में भी दिखाई दीं। बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि साल 2016 में दंगल से डेब्यू करने से पहले कई फिल्मों में साइड रोल कर चुकी थी। उन्हें साल 2008 में आई तहान, 2013 में आई आकाश वाणी और 2012 बिट्टू बॉस में छोटे-मोटे रोल में देखा गया था, लेकिन फिल्म दंगल से उनके करियर को बड़ा ब्रेक मिला।




























