सोना हुआ महंगा तो बच्चों के लॉकेट-चकती के पीछे पड़ गए चोर, झटके में ब्लेड वार

भागलपुर, ३१ जनवरी ।
बच्चों के गले में धागे में पिरो कर पहनाई जाने वाली सोने की बनी देवी-देवता वाली लॉकेट-चकती है तो घर से बाहर निकलते समय सावधान रहना होगा। सोने की आसमान छूती कीमत के बाद इन दिनों बच्चों के गले में पड़ी सोने-चांदी के लॉकेट-चकती काटने वाले गिरोह की सक्रियता बढ़ गई है। चोर बच्चों को आसन टारगेट बना लॉकेट-चकती काटने लगे हैं। जिसकी चोरी-छिपे बेचने में अच्छी खासी कीमत भी मिल जा रही है। वर्ष 2024 में जहां लॉकेट-चकती काटने की 13 वारदात हुई तो सोने की आसमान छूती कीमत बाद वर्ष 2025-26 में अबतक 23 घटनाएं हो चुकी हैं। खलीफाबाग, स्टेशन रोड, बाबा वृद्धेश्वरनाथ मंदिर, शिव शिक्ति मंदिर क्षेत्र और शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में बच्चों के गले में मौजूद लॉकेट-चकती काटने की ताक में रहते हैं। कोई महिला यदि बच्चों के साथ इन इलाके में पहुंचती तो गिरोह के सदस्य बच्चों के गले को ताड़ते रहतें हैं। यदि बच्चे के गले में लॉकेट या चकती दिख गई तो उस बच्चे के नजदीक गिरोह के सदस्य मंडराते हुए अपनी घेराबंदी कर ले रहे हैं। फिर मौका देख झटके में विशेष ब्लेड से लॉकेट-चकती वाली डोरी को काट कर भाग निकलते हैं।गिरोह के सदस्य इतने चालाक हैं कि लॉकेट-चकती काटने वाला साथ में मंडरा रहे दूसरे साथी के हाथ में लॉकेट-चकती थमा देता है ताकि यदि वह पकड़ भी लिया जाए तो उसे काटा हुआ लॉकेट-चकती पुलिस या पब्लिक के हाथ नहीं लग सके। गिरोह का सरगना भी बड़ी होशियारी से अपने गिरोह में कम उम्र वाले युवकों को शामिल कर रखे हैं ताकि उनकी गतिविधियों पर जल्दी शिकार के साथ रहने वाले अभिभावकों को शक की गुंजाइश ही नही रहे।वर्ष 2024 से अबतक बच्चों के गले से लॉकेट-चकती काटते समय गिरफ्तार आरोपितों में महाराजगंज गिरोह के ही सदस्य के रूप में पहचान सामने आई है। जिन्हें गिरोह का सरगना स्थानीय क्षेत्र में अपना ठिकाना बना गिरोह में शामिल कर रखा था। घर से बाहर अभिभावकों के साथ निकलने वाले बच्चों के गले में मौजूद सोने-चांदी के लॉकेट-चकती पर महाराजगंज गिरोह के सदस्यों की काली नजर लगी रहती है।गिरोह में महिला और किशोरों की संख्या अधिक बताई जा रही है जो व्यस्त इलाके में बच्चों के गले में पड़ी सोने की चकती का धागा ब्लेड से काट कर झटके में लॉकेट- चकती ले भागते हैं। ऐसी वारदात को रोकने के लिए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सिटी एसपी की निगरानी में डीएसपी सिटी प्रथम अजय कुमार चौधरी, डीएसपी सिटी द्वितीय राकेश कुमार को लगा रखा है। पुलिस टीम को आंशिक सफलता मिली है।वर्ष 2024 में बच्चों के गले से सोने-चांदी के लॉकेट-चकती काट लेने की 13 घटना हुई थी। जबकि 2025-26 में अबतक ऐसी घटना की संख्या दूनी हो चुकी है। लॉकेट-चकती काटने की घटना वर्ष 2025-26 में अबतक 23 को पार कर चुकी है। जबकि वर्ष 2024 में पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हुई थी। वर्ष 2025 में अबतक 14 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जो वर्ष 2024 के मुकाबले में हुई वारदात और गिरफ्तारी मामले में दूनी के करीब है। सर्वाधिक गिरफ्तारी जोगसर, कोतवाली और तातारपुर क्षेत्र से हुई है।

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